Tuesday, July 21

‘लंगड़ी’ बनी मध्यप्रदेश की सबसे उम्रदराज बाघिन, तोड़ी ‘कॉलर वाली’ बहन का रिकॉर्ड

 

 

सिवनी: पेंच नेशनल पार्क की मशहूर बाघिन ‘लंगड़ी’ अब 18 साल की हो चुकी है और मध्यप्रदेश की सबसे उम्रदराज जीवित बाघिन बन गई है। कुछ समय पहले इसके लापता होने की वजह से इसकी मौत की अफवाहें उड़ रही थीं, लेकिन हाल ही में पर्यटकों की नजरों में आने के बाद यह साबित हो गया कि ‘लंगड़ी’ अभी भी अपने पुराने इलाके कर्माझिरी में जीवित और सक्रिय है।

 

‘लंगड़ी’ क्यों खास?

इस बाघिन को नाम मिला इसके एक पैर को अजीब तरह से चलाने की वजह से, जिससे यह पहली नजर में ‘लंगड़ी’ लगती थी। यह 2008 में पहली बार पर्यटकों और गाइडों को दिखाई दी थी। पेंच नेशनल पार्क के रिकॉर्ड के अनुसार, यह ‘कॉलर वाली बाघिन’ की बहन है। गौरतलब है कि ‘कॉलर वाली बाघिन’, जिसका जन्म 2005 में हुआ था, 17 वर्ष की उम्र में 2022 में मृत हो गई थी। वहीं, ‘लंगड़ी बाघिन’ ने अब अपनी बहन का रिकॉर्ड तोड़कर प्रदेश में सबसे उम्रदराज बाघिन बनने का कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।

 

शारीरिक कमजोरी के बावजूद जीवित

पेंच नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया, “कुछ सालों तक बाघिन दिखाई नहीं दी, जिससे अफवाहें उड़ी थीं। लेकिन अक्टूबर और दिसंबर में पर्यटकों ने इसे देखा और इसकी खूबसूरत तस्वीरें सामने आईं। हालांकि अब शारीरिक रूप से थोड़ी कमजोर हो गई है, फिर भी अपने इलाके में सर्वाइव कर रही है।”

 

प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए यह खबर उत्साहजनक है कि मध्यप्रदेश की सबसे उम्रदराज बाघिन ‘लंगड़ी’ अब भी जीवित है और अपनी विरासत को आगे बढ़ा रही है।

 

 

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