Tuesday, July 21

फायर ब्रांड नेता दिलीप घोष की बीजेपी में वापसी, पश्चिम बंगाल चुनाव में बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी

 

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के ऐलान से तीन महीने पहले फायर ब्रांड नेता दिलीप घोष ने बीजेपी में धमाकेदार वापसी की है, जिससे सियासी गलियारों में हलचल बढ़ गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल के चार बड़े नेताओं को दिलीप घोष को फ्री हैंड देने का निर्देश दिया है।

 

भविष्य की रणनीति को लेकर दिलीप घोष ने प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य से मुलाकात की और चुनावी अभियान की रूपरेखा तय की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनाव में बंगाल बीजेपी का नेतृत्व सामिक भट्टाचार्य, नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और दिलीप घोष करेंगे।

 

6 जनवरी से चुनावी अभियान में सक्रिय

करीब आठ महीने पहले बीजेपी से कुछ दूरी बनाने वाले दिलीप घोष अब 6 जनवरी से रैलियों में हिस्सा लेंगे। पिछले कुछ समय में वे पार्टी कार्यक्रमों और प्रधानमंत्री नेतृत्व वाली रैलियों से अनुपस्थित रहे थे। उनकी वापसी से पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में एकता और उत्साह का संदेश गया है।

 

बीजेपी के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं दिलीप घोष

1984 में आरएसएस प्रचारक के रूप में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले दिलीप घोष ने 2014 में बीजेपी में शामिल होकर बंगाल में पार्टी को मजबूत किया। उनके नेतृत्व में 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 18 सीटें जीतीं और 2021 में 77 विधानसभा सीटें जीतकर पार्टी को बड़ा दल बनाया। उनके कार्यकाल में बीजेपी का वोट शेयर 2016 के 10.16% से बढ़कर 2019 में 40.25% तक पहुंच गया।

 

हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की सीटें घटकर 12 रह गईं, लेकिन वोट शेयर लगभग 40% पर बना रहा। उनके कार्यकाल में गुटबाजी बढ़ने और चुनावी असफलताओं के बाद उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया गया था। अब दिलीप घोष की वापसी से पार्टी को बंगाल में फायर ब्रांड नेता और चुनावी रणनीतिकार के रूप में ताकत मिलने की उम्मीद है।

 

 

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