Wednesday, July 22

सासाराम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: थानाध्यक्ष के वेतन से रोजाना 500 रुपये की कटौती

 

 

सासाराम (रोहतास): न्यायिक आदेशों की अवहेलना करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ रोहतास जिले की अदालत ने ऐतिहासिक क़दम उठाया है। जिला जज की अदालत ने अकोढ़ीगोला थानाध्यक्ष के वेतन से प्रतिदिन 500 रुपये की कटौती करने का आदेश दिया है। यह जुर्माना तब तक जारी रहेगा जब तक अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं हो जाता।

 

मामले की पृष्ठभूमि:

यह विवाद 2023 में मधुरामपुर गांव में हुई एक हत्या से जुड़ा है। इस मामले में दो आरोपियों का ट्रायल चल रहा था। अभियोजन पक्ष ने हत्या में इस्तेमाल की गई ‘कैंची’ को मुख्य साक्ष्य के रूप में पेश करने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने बार-बार थानाध्यक्ष को इसे पेश करने का निर्देश दिया, ताकि ट्रायल आगे बढ़ सके।

 

लापरवाही और नोटिस की अनदेखी:

सात बार आदेश दिए जाने के बावजूद थानाध्यक्ष ने साक्ष्य अदालत में पेश नहीं किया। 2 दिसंबर 2025 को उसे अंतिम चेतावनी सहित ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया, लेकिन उसका कोई उत्तर नहीं मिला। अदालत ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना।

 

अदालत की सख्त टिप्पणी:

जिला जज ने कहा कि पुलिस की इस सुस्ती के कारण मुकदमे बार-बार टलते हैं, जिससे आरोपियों के ‘शीघ्र न्याय’ के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत पुलिस की गैर-जिम्मेदाराना भूमिका पर मूकदर्शक नहीं रह सकती।

 

उच्च अधिकारियों को निर्देश:

सासाराम के कोषागार अधिकारी और संबंधित आहरण-वितरण अधिकारी को वेतन कटौती लागू करने का आदेश दिया गया। DIG और SP को भी सूचित किया गया है ताकि भविष्य में कोई अधिकारी अदालत की अवमानना करने का साहस न करे।

 

 

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