Tuesday, July 21

आज की रात होगी खास: 10:45 बजे रचेगी पृथ्वी खगोलीय इतिहास, सूर्य से दूरी होगी साल में सबसे कम

 

सागर। नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही अंतरिक्ष में एक दुर्लभ और रोमांचक खगोलीय घटना घटित होने जा रही है। आज शनिवार की रात ठीक 10 बजकर 45 मिनट पर पृथ्वी, सूर्य की परिक्रमा करते हुए उसके सबसे नजदीकी बिंदु ‘पेरिहेलियन’ (Perihelion) पर पहुंचेगी। इस दौरान पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी साल में सबसे कम रह जाएगी।

 

खगोल विज्ञान की नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के अनुसार, आज रात पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी घटकर 14 करोड़ 70 लाख 99 हजार 894 किलोमीटर रह जाएगी। इसके विपरीत जुलाई माह में यही दूरी बढ़कर लगभग 15 करोड़ 20 लाख 87 हजार 774 किलोमीटर हो जाती है। यह अंतर पृथ्वी की अंडाकार कक्षा (Elliptical Orbit) के कारण उत्पन्न होता है।

 

चंद्रमा भी देगा साथ, दिखेगा ‘सुपरमून’ जैसा नज़ारा

 

इस खगोलीय संयोग को और खास बना रहा है चंद्रमा। पूर्णिमा की अवस्था में पहुंच रहा चंद्रमा आज पृथ्वी से लगभग 3 लाख 62 हजार किलोमीटर की दूरी पर रहेगा। हालांकि सोशल मीडिया पर इसे ‘वुल्फ सुपरमून’ कहा जा रहा है, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से यह पूरी तरह सुपरमून नहीं, बल्कि सुपरमून जैसा दिखाई देगा। चंद्रमा 1 जनवरी को पृथ्वी के सबसे नजदीकी बिंदु पर था और अब धीरे-धीरे दूर हो रहा है।

 

दुर्लभ संयोग, जो कम ही देखने को मिलता है

 

खगोल विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसा संयोग बहुत कम देखने को मिलता है जब पूर्णिमा का चंद्रमा पृथ्वी के काफी निकट हो और उसी समय पृथ्वी सूर्य के सबसे नजदीकी बिंदु पर पहुंचे। यही कारण है कि यह वीकेंड खगोल प्रेमियों और आम लोगों के लिए बेहद खास है।

 

आकाश प्रेमियों के लिए सुनहरा अवसर

 

आज शाम चंद्रमा उदित होकर पूरी रात आकाश में चमकता रहेगा। साफ मौसम होने पर यह दृश्य न केवल मनमोहक होगा, बल्कि खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए यादगार भी बनेगा।

 

सारिका घारू ने कहा, “नए साल के पहले सप्ताह में सूर्य और चंद्रमा—दोनों का पृथ्वी के नजदीक होना एक दुर्लभ खगोलीय उत्सव है। इस वीकेंड पर प्रकृति के इस अद्भुत संयोग के साथ 2026 का स्वागत करें।”

 

 

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