Wednesday, July 22

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं, दक्षिण एशिया के लिए खतरे की घंटी: शंकराचार्य अधोक्षजानंद

 

 

मथुरा: बांग्लादेश में लगातार हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और उनकी हत्याओं के विरोध में शंकराचार्य अधोक्षजानंद ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बांग्लादेश सरकार से मांग की है कि वह हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को तुरंत रोके। साथ ही, भारत सरकार और मानवाधिकार आयोग से भी इस मामले में कार्रवाई की अपील की गई है।

 

शंकराचार्य ने कहा कि बांग्लादेश की वर्तमान कार्यकारी सरकार इस स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पा रही है। यदि इन घटनाओं पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया, तो इसका प्रभाव पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र पर पड़ सकता है। उन्होंने विश्व बिरादरी से दबाव बनाने और वहां लोकतांत्रिक सरकार स्थापित कराने की भी अपील की।

 

उन्होंने स्पष्ट कहा, “हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह केवल बांग्लादेश के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है।”

 

राजनीति और खेल पर असर:

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का असर अब खेल और राजनीति तक भी दिखाई देने लगा है। जब KKR ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को खरीदा, तो धर्मगुरुओं और सनातनी समुदाय ने विरोध जताया। सोशल मीडिया पर भी इस फैसले के खिलाफ अभियान चला। विरोध के बाद बीसीसीआई ने भी अब उस खिलाड़ी को रिलीज करने की दिशा में कदम उठाने की बात कही है।

 

शंकराचार्य अधोक्षजानंद की यह चेतावनी साफ संदेश देती है कि अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस मामले में सजग हो।

 

 

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