Tuesday, July 21

राजस्थान में अफसर-नेता टकराव! मंत्री, सांसद और विधायक अफसरों से नाराज, प्रशासनिक बदलाव की संभावना

 

 

जयपुर।

राजस्थान में नौकरशाही और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ता टकराव सरकार के कामकाज पर सीधा असर डाल रहा है। हाल ही में कई घटनाओं में IAS और IPS अफसरों के रवैये से मंत्री, सांसद और विधायक नाराज नजर आए हैं। शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक पहुंची हैं और कहा जा रहा है कि जल्द ही प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की संभावना है।

 

मंत्री और कलेक्टर का विवाद

 

वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने हाल ही में सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा को फटकार लगाई थी। मंत्री ने आरोप लगाया कि कलेक्टर भ्रष्टाचारियों का समर्थन कर रहे हैं। यह घटना तब हुई जब मंत्री शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण कर रहे थे। नाराज मंत्री ने कहा, “आप अपनी मर्जी से सीकर जिले को चलाइए, मैं जा रहा हूं।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ।

 

सांसदों और कलेक्टरों की टकराहट

 

प्रतापगढ़ की जिला कलेक्टर डॉ. अंजली राजोरिया और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत के बीच विवाद भी सुर्खियों में रहा। सांसद ने मुख्य सचिव को पत्र भेजकर कलेक्टर की शिकायत की, जबकि कलेक्टर ने जवाब में आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि सांसद केवल अपने क्षेत्र में विकास का दबाव डाल रहे हैं।

 

विधायकों और अफसरों की बहस

 

गंगानगर में आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक जयदीप बिहानी ने जिला कलेक्टर और एडीएम को मंच पर ही फटकार लगाई और कार्यक्रम छोड़ने के लिए कहा। वहीं जयपुर शहर में आयोजित शहरी समस्या समाधान शिविर में सांसद मंजू शर्मा ने अफसरों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई।

 

अफसर और नेता, दोनों परेशान

 

राजस्थान में भाजपा की सरकार होने के बावजूद मंत्री, सांसद और विधायक अफसरों के नियमों पर आधारित काम करने के रवैये से खफा हैं। वरिष्ठ पत्रकार नारायण बारहट के अनुसार, नेताओं की पांच साल की परीक्षा और जनता की अपेक्षाओं के कारण वे अफसरों से अपनी मर्जी से काम कराना चाहते हैं। वहीं, अफसर नियमों का हवाला देकर काम करने में सावधानी बरतते हैं, जिससे अक्सर टकराव होता है।

 

भविष्य में बदलाव की संभावना

 

सूत्रों के मुताबिक, यह विवाद मुख्यमंत्री तक पहुँच चुका है और प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए आगामी दिनों में बड़े स्तर पर फेरबदल की तैयारी हो सकती है।

 

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