Tuesday, July 21

कानपुर: हैलट अस्पताल में नर्स की लापरवाही, 15 वर्षीय बच्चे की मौत

 

 

कानपुर: हैलट अस्पताल में जूनियर स्टाफ की लापरवाही ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल के वार्ड स्टाफ ने डॉक्टर से परामर्श लिए बिना 15 वर्षीय सतीश को गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और अंततः इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

 

घटना 16 दिसंबर 2025 की है। उरई निवासी सतीश पेट दर्द की शिकायत लेकर मेडिसिन विभाग में भर्ती था। आरोप है कि वार्ड स्टाफ रनवीर ने डॉक्टर की सलाह के बिना सतीश को पोटेशियम का इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे में उल्टी, दस्त और आंखों का पलटना जैसे लक्षण दिखाई दिए, जिसके बाद उसे तुरंत आइसीयू में शिफ्ट किया गया।

 

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि आरोपी वार्ड स्टाफ को अस्पताल से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा, “पीड़ित परिवार को लिखित शिकायत देने के लिए कहा गया था, लेकिन अभी तक किसी शिकायत की प्राप्ति नहीं हुई है।”

 

मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. बी. पी. प्रियदर्शी ने बताया कि पोटेशियम का इंजेक्शन सामान्य परिस्थितियों में नसों की कमजोरी और दिल की बीमारी में दिया जाता है। इसके गलत तरीके से लगाने पर उल्टी, दस्त और चेतना में उलझन जैसे लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं।

 

अस्पताल की इस लापरवाही ने एक नाबालिग की जान ले ली और अस्पताल प्रशासन की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

 

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