Tuesday, July 21

96 साल की उम्र में पद्मश्री राजाराम जैन का निधन, साहित्य और भाषाविज्ञान की दुनिया में शोक

 

 

नोएडा: नोएडा के सेक्टर-34 निवासी 96 वर्षीय पद्मश्री राजाराम जैन का रविवार को निधन हो गया। वे कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और उनके परिवार के सभी सदस्य उनकी देखभाल के लिए मौजूद थे।

 

राजाराम जैन भारतीय वैज्ञानिक, भाषाविद् और लेखक थे। प्राचीन भाषाओं में उनका गहरा ज्ञान था और वे प्राकृत एवं अपभ्रंश जैसी दुर्लभ भाषाओं के विशेषज्ञ माने जाते थे। साहित्यिक जगत में उनकी विदाई से शोक की लहर दौड़ गई है।

 

उनका जन्म 1929 में मध्य प्रदेश के मालथौन में हुआ था। उन्होंने 40 से अधिक पुस्तकें लिखी और 14वीं-15वीं शताब्दी की अप्रकाशित पांडुलिपियों का अध्ययन व अनुवाद किया। इनमें तत्कालीन कवि रैधु की रचनाएं शामिल थीं, जिनका हिंदी अनुवाद कर उन्होंने संस्कृति और साहित्य के अध्ययन का महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराया।

 

राजाराम जैन को उनके अद्वितीय योगदान के लिए 2024 में पद्मश्री सम्मान और 2000 में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वे यूजीसी नेट और राष्ट्रपति पुरस्कार चयन समिति के सदस्य भी रहे।

 

उनकी पत्नी का मार्च 2025 में निधन हो गया था। उनके चार बच्चे हैं – रत्ना जैन, राजीव गौयल, रश्मि जैन और राजेश पंकज।

 

राजाराम जैन ने 2003 से नोएडा के सेक्टर-34 में अपने परिवार के साथ निवास किया। उनके निधन से साहित्य और भाषाविज्ञान की दुनिया में अपूरणीय क्षति हुई है।

 

 

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