Tuesday, July 21

ऑस्ट्रेलिया में MBA करना है बेस्ट, इन 3 वजहों से भारतीयों के लिए परफेक्ट

 

 

नई दिल्ली: भारतीय छात्रों के बीच ऑस्ट्रेलिया हायर एजुकेशन के लिए एक लोकप्रिय देश बन चुका है। खासकर MBA के लिए ऑस्ट्रेलिया की टॉप यूनिवर्सिटीज दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। क्यूएस ग्लोबल MBA रैंकिंग 2026 में ऑस्ट्रेलियाई बिजनेस स्कूल एशिया-प्रशांत क्षेत्र में टॉप पर हैं।

 

ऑस्ट्रेलिया में MBA करना सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं है, बल्कि यह छात्रों को बेहतर नौकरी और उच्च सैलरी पाने का अवसर भी देता है।

 

ऑस्ट्रेलिया में MBA करने की 3 प्रमुख वजहें:

 

  1. 1 वर्षीय प्रोग्राम: आमतौर पर MBA दो साल का होता है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टॉप यूनिवर्सिटीज में 12 महीने में पूरा किया जा सकता है। इससे ट्यूशन फीस और रहने-खाने का खर्च कम होता है और छात्र जल्दी नौकरी शुरू कर सकते हैं।
  2. पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा: 2026 के नियमों के अनुसार MBA करने वाले छात्रों को 2 साल का पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा मिलता है। एडिलेड या पर्थ जैसे शहरों में पढ़ाई करने पर 1-2 साल एक्स्ट्रा काम करने का मौका भी मिलता है, जिससे PR (Permanent Residency) का रास्ता खुलता है।
  3. मोटी सैलरी वाली जॉब: ऑस्ट्रेलिया में MBA ग्रेजुएट्स को 63 लाख रुपये से 1.15 करोड़ रुपये तक की सैलरी मिलती है। मैनेजमेंट कंसल्टिंग, टेक प्रोडक्ट मैनेजमेंट और बिजनेस एनालिटिक्स जैसी फील्ड में बड़ी कंपनियां जॉब देती हैं।

 

टॉप MBA यूनिवर्सिटीज (ऑस्ट्रेलिया):

 

मेलबर्न बिजनेस स्कूल

UNSW (AGSM)

यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी बिजनेस स्कूल

UQ बिजनेस स्कूल

मैक्वेरी बिजनेस स्कूल

यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया

RMIT यूनिवर्सिटी

UTS बिजनेस स्कूल

UniSA बिजनेस स्कूल

यूनिवर्सिटी ऑफ वोलोंगोंग (सिडनी)

 

स्कॉलरशिप के अवसर:

ऑस्ट्रेलिया में MBA स्टूडेंट्स को AGSM डायरेक्टर स्कॉलरशिप, इंडिया ग्लोबल लीडर्स स्कॉलरशिप, सिडनी MBA (लीडरशिप एंड एंटरप्राइज), और डेस्टिनेशन ऑस्ट्रेलिया स्कॉलरशिप जैसी स्कॉलरशिप मिलती हैं, जिससे पढ़ाई का खर्च कम हो जाता है।

 

इसलिए, 2026 में MBA के लिए ऑस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों के लिए परफेक्ट विकल्प साबित हो रहा है।

 

 

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