Tuesday, July 21

दिल्ली सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए बाजार से उधार लेगी, RBI होगा बैंकर और वित्तीय एजेंट

 

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए बाजार से उधार लेने का ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसके तहत आरबीआई (RBI) को दिल्ली सरकार का बैंकर, ऋण प्रबंधक और वित्तीय एजेंट बनाया गया है। यह व्यवस्था आगामी 9 जनवरी से लागू हो जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में सोमवार को RBI के साथ समझौता हुआ।

 

RBI प्रबंधित करेगा दिल्ली सरकार का अकाउंट:

समझौते के तहत सरकार का एक अलग बैंकिंग अकाउंट होगा, जिसे आरबीआई प्रबंधित करेगा। सरकार ने इसे पारदर्शिता और वित्तीय स्वतंत्रता के लिए बड़ा कदम बताया है। इस व्यवस्था से दिल्ली सरकार को स्टेट डिवेलपमेंट लोन के जरिए कम ब्याज दर पर उधारी, अतिरिक्त नकदी का स्वचालित निवेश और वित्तीय प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता मिलेगी।

 

कैपिटल व्यय पर फोकस:

सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि मार्केट से उठाए गए पैसे का उपयोग केवल पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) के लिए किया जाएगा। उन्होंने इसे दूरगामी और परिवर्तनकारी वित्तीय सुधार बताया।

 

पिछली सरकारों पर निशाना:

रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी होने के बावजूद अब तक RBI बैंकिंग व्यवस्था और मार्केट बेस्ड लोन से वंचित थी। पिछली सरकारों ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। अब प्रत्येक रुपया जनता के हित में अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जाएगा।

 

अतिरिक्त नकदी का निवेश:

समझौते के बाद दिल्ली सरकार की अतिरिक्त नकदी का प्रतिदिन RBI के माध्यम से स्वचालित निवेश किया जाएगा, जिससे खाते में पड़े पैसे पर भी लाभ मिलेगा। पहले दिल्ली सरकार को खुले बाजार से उधारी पर 12-13 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता था, अब यह दर लगभग 7 प्रतिशत होगी।

 

वित्तीय सुधार का केंद्र सरकार के साथ सहयोग:

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यापक वित्तीय सुधार केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ दिसंबर 2025 में हुई बैठक का परिणाम है। अब दिल्ली सरकार अपने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा सकेगी।

 

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