Wednesday, July 22

डॉक्टर-इंजीनियर छोड़ो, अमेरिका को चाहिए टीचर्स: 66,000 पद खाली, भारतीय कैसे बन सकते हैं यहां शिक्षक

नई दिल्ली: अमेरिका में जॉब की जब भी बात आती है, तो ज्यादातर लोगों को लगता है कि यहां सिर्फ डॉक्टर और इंजीनियर ही आसानी से नौकरी पा सकते हैं। लेकिन सरकारी आंकड़े बता रहे हैं कि असली जरूरत टीचर्स की है।

शिक्षकों की भारी कमी
ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिक्स के अनुसार, अमेरिका में हर साल औसतन 66,000 से ज्यादा टीचर्स की भर्ती होती है। लर्निंग पॉलिसी इंस्टीट्यूट के आंकड़ों के मुताबिक, डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया सहित 48 राज्यों में 3.65 लाख से ज्यादा टीचर्स सर्टिफाइड नहीं हैं, लेकिन शिक्षक की कमी के चलते बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इसके अलावा 31 से ज्यादा राज्यों में 45,000 से अधिक टीचर्स के पद खाली हैं।

अमेरिका में टीचर कैसे बनें?
अमेरिका में शिक्षक बनने के लिए कुछ जरूरी एजुकेशनल और लाइसेंसिंग शर्तें हैं:

  1. शैक्षणिक योग्यता: सबसे पहले चार वर्षीय बैचलर्स डिग्री लेनी होती है। यह डिग्री मैथ्स, साइंस, इंग्लिश या किसी अन्य विषय में हो सकती है। इसके साथ ही टीचर्स प्रेपरेशन प्रोग्राम पूरा करना अनिवार्य है। इस प्रोग्राम में क्लासरूम मैनेजमेंट, बच्चों को पढ़ाने के तरीके और उन्हें प्रोत्साहित करने की ट्रेनिंग दी जाती है।
  2. सर्टिफिकेट और लाइसेंस: अमेरिका के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए स्टेट टीचिंग लाइसेंस या सर्टिफिकेशन अनिवार्य है। इसके लिए राज्य-विशेष एग्जाम पास करना होता है। उदाहरण के लिए, कैलिफोर्निया में ‘कैलिफोर्निया बेसिक एजुकेशनल स्किल टेस्ट’ (CBEST) पास करना पड़ता है। अन्य राज्यों में भी इसी तरह के Praxis टेस्ट होते हैं, जिनमें शिक्षक की स्किल और सब्जेक्ट नॉलेज का परीक्षण किया जाता है।

निष्कर्ष:
अमेरिका में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्र अगर टीचर बनना चाहते हैं, तो यह उनके लिए सुनहरा अवसर है। डॉक्टर या इंजीनियर बनने की दौड़ में भले ही मुश्किल हो, लेकिन शिक्षक बनने की मांग लगातार बढ़ रही है और नौकरी पाना अपेक्षाकृत आसान है।

 

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