Tuesday, July 21

पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों से मिला हमास नेता, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क पहलगाम जैसे हमले की साजिश का शक गहराया

इस्लामाबाद।
पाकिस्तान में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्कों की संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। हाल ही में फिलीस्तीनी आतंकी संगठन हमास के एक वरिष्ठ नेता की लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े आतंकियों के साथ मुलाकात की जानकारी उजागर हुई है। इस बैठक का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों में चिंता बढ़ गई है कि कहीं पहलगाम जैसे आतंकी हमले की फिर से साजिश तो नहीं रची जा रही।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमास के सीनियर कमांडर नाजी जहीर ने पाकिस्तान के गुजरांवाला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर राशिद अली संधू से मुलाकात की। यह कार्यक्रम पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) के बैनर तले आयोजित किया गया था, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का राजनीतिक फ्रंट माना जाता है।

वीडियो से हुआ खुलासा

हमास और लश्कर से जुड़े आतंकियों की इस मुलाकात का वीडियो अब सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नाजी जहीर और राशिद अली संधू एक ही मंच पर मौजूद हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, नाजी जहीर इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुआ था, जबकि राशिद अली संधू PMML का एक प्रमुख नेता है।

हालांकि, यह बैठक कब हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है, लेकिन वीडियो के सामने आने के बाद इसके निहितार्थों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

पहले भी मिल चुका है खतरनाक संकेत

गौरतलब है कि इससे पहले भी पाकिस्तान में हमास नेताओं की आतंकी संगठनों से नजदीकियों की खबरें सामने आई थीं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पिछले साल हमास नेताओं की ऐसी ही मौजूदगी के कुछ महीनों बाद पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। ऐसे में अब एक बार फिर इसी तरह की मुलाकात ने आशंकाओं को और मजबूत कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय आतंकी गठजोड़ का संकेत?

हमास को एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन माना जाता है, जिसे खत्म करने के लिए इजरायल ने पिछले दो वर्षों से अधिक समय तक गाजा में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की। अब हमास के नेताओं की पाकिस्तान में खुले तौर पर मौजूदगी और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों से संपर्क को अंतरराष्ट्रीय आतंकी गठजोड़ के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

भारत और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि हमास और लश्कर जैसे संगठनों के बीच संपर्क दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यह मुलाकात न सिर्फ पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि भारत के खिलाफ संभावित साजिशों की ओर भी इशारा करती है।

निष्कर्ष

हमास और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की यह मुलाकात ऐसे समय सामने आई है, जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव बना हुआ है। वीडियो के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और इस बात की जांच की जा रही है कि क्या यह बैठक केवल प्रतीकात्मक थी या इसके पीछे किसी बड़े आतंकी हमले की योजना छिपी है।

 

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