Tuesday, July 21

चीन की हर चाल पर भारत की पैनी नजर, बांग्लादेश से बंगाल की खाड़ी तक जल‑जमीन‑आसमान से मजबूत घेराबंदी

 

नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026: बांग्लादेश में बढ़ती अस्थिरता और वहां चीन की बढ़ती दिलचस्पी के बीच भारत ने अपनी सामरिक तैयारियों को तेज कर दिया है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर को लेकर मिल रही गीदड़भभकियों और बंगाल की खाड़ी में चीन की गतिविधियों को देखते हुए भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना तीनों मोर्चों पर मजबूत रणनीति के साथ आगे बढ़ रही हैं।

 

हल्दिया में बनेगा नया नेवल बेस

बंगाल की खाड़ी में भारतीय नौसेना के ईस्टर्न नेवल कमांड का मुख्यालय विशाखापत्तनम में है, जबकि अंडमान‑निकोबार द्वीप समूह में भी नौसेना का अहम बेस मौजूद है। अब पश्चिम बंगाल के हल्दिया में एक नया नेवल बेस विकसित किया जा रहा है। यहां पहले से कोस्ट गार्ड का बेस है, लेकिन नौसेना का नया अड्डा बनने से बांग्लादेश और म्यांमार के नजदीकी समुद्री क्षेत्र में भारत की निगरानी और जवाबी क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। इससे ऊपरी बंगाल की खाड़ी में भारतीय युद्धपोत हर समय तैनात रह सकेंगे।

 

असम, बिहार और बंगाल में नए आर्मी कैंप

बांग्लादेश में 2024 के बाद बने हालात और वहां भारत‑विरोधी माहौल की कोशिशों के बीच भारत ने सीमावर्ती राज्यों में सेना की मौजूदगी और मजबूत करने का फैसला किया है। इसके तहत असम के धुबरी जिले में लाचित बोरफुकन मिलिट्री स्टेशन, बिहार के किशनगंज और पश्चिम बंगाल के चोपड़ा में नए फॉरवर्ड आर्मी कैंप तैयार किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य सीमा सुरक्षा को और पुख्ता करना है।

 

सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर खास नजर

सैन्य विशेषज्ञों के मुताबिक सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) भारत की रणनीतिक जीवनरेखा है। इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर पर है, जिसने पहले ही अपनी तैनाती को और चुस्त कर लिया है। इसके साथ ही हाशिमारा एयरबेस पर राफेल लड़ाकू विमान, ब्रह्मोस मिसाइल और आधुनिक एयर‑डिफेंस सिस्टम तैनात किए जा चुके हैं।

 

शिलॉन्ग से वायुसेना की मजबूत कमान

भारतीय वायुसेना का ईस्टर्न एयर कमांड मेघालय के शिलॉन्ग में स्थित है। इसके दायरे में पूर्वोत्तर के सातों राज्यों के साथ‑साथ सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार‑झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्से आते हैं। यह कमान चीन से लगी 6,300 किलोमीटर लंबी एलएसी के अलावा नेपाल, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश की हवाई निगरानी की जिम्मेदारी संभालती है।

 

कुल मिलाकर, बांग्लादेश और बंगाल की खाड़ी में चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच भारत ने साफ संकेत दे दिया है कि वह जल, थल और नभ—तीनों मोर्चों पर पूरी तरह तैयार है और किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।

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