Tuesday, July 21

इरफान खान: इंसानियत की मिसाल बन गई एक यादगार मुलाकात

7 जनवरी 1967 को जन्मे और 29 अप्रैल 2020 को दुनिया को अलविदा कहने वाले अभिनेता इरफान अली खान आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और इंसानियत की कहानियाँ आज भी जिंदा हैं।

एक ऐसा ही किस्सा उनके करिश्माई व्यक्तित्व और संवेदनशील स्वभाव को बयां करता है। साल 2003 में इरफान का एक इंटरव्यू हुआ था पत्रकार अंजुम एन के साथ, जो एड्रेनल कैंसर से जूझ रहे थे। उस समय कीमोथेरेपी चल रही थी, लेकिन अंजुम ने अपनी बीमारी के बारे में खुलकर किसी को नहीं बताया।

दो साल बाद, 2005 में इरफान उसी दफ्तर आए। उन्होंने अपने इंटरव्यू के दौरान मुलाकात किए गए लड़के को ढूंढ़ा और पूछा, एक लड़का था आपके ऑफिस में, उसका क्या हुआ?” जब उन्हें पता चला कि वह लड़का अब इस दुनिया में नहीं है, तो इरफान एक पल के लिए चुप रह गए। इसके बाद उन्होंने अंजुम की पत्नी के बारे में भी पूछा और कहा, कभी भी कोई परेशानी हो तो बेझिझक मुझसे संपर्क कीजिएगा।

इरफान की यह कहानी दर्शाती है कि वे सिर्फ महान अभिनेता ही नहीं, बल्कि दिल से इंसान भी थे—जो दूसरों की परेशानियों और दुखों को महसूस कर सकते थे, और मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे।

उनकी याद आज भी आंखों में आंसू भर देती है और हमें यह सिखाती है कि संवेदनशीलता और इंसानियत ही असली विरासत होती है।

 

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.