Tuesday, July 21

रामपुर में पाकिस्तानी नागरिक ने 34 साल पहले सरकारी स्कूल में पढ़ाई, अब FIR दर्ज

 

 

रामपुर: रामपुर से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां पाकिस्तानी नागरिक ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल कर ली थी। मामला 1992 का है, जब माहिरा अख्तर नामक महिला ने सैदपुर के प्राथमिक स्कूल में शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू की थी। उसने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता छिपाई रखी थी।

 

मामला कैसे सामने आया

 

रामपुर के कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला आतिशबाज निवासी अख्तर अली की बेटी फरजाना उर्फ माहिरा अख्तर का 17 जून 1979 को पाकिस्तानी नागरिक सिबगत अली से निकाह हुआ। निकाह के बाद माहिरा पाकिस्तान चली गईं और वहां उन्हें नागरिकता मिली। पाकिस्तान में उनके दो बच्चे हुए।

 

निकाह के लगभग तीन साल बाद उनका तलाक हो गया और वह अपने बच्चों के साथ मायके लौट आईं। हालांकि, पाकिस्तानी नागरिकता बरकरार थी। वीजा समाप्त होने के बाद भी भारत में रहने पर स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) ने 1983 में विदेश अधिनियम की धारा 14 के तहत केस दर्ज किया। 25 जून 1985 को सीजेएम कोर्ट ने उन्हें मुकदमे के दौरान उपस्थित रहने का आदेश दिया।

 

1992 में सरकारी नौकरी

 

देश में रहते हुए माहिरा ने 22 जनवरी 1992 को प्राइमरी स्कूल में शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली। उसकी तैनाती सैदनगर ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल कुम्हरिया में हुई। इस दौरान LIU ने नोटिस जारी कर वीजा बढ़वाने के लिए जानकारी मांगी। जांच में पता चला कि माहिरा बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक के पद पर काम कर रही थी।

 

FIR दर्ज

 

जांच के बाद LIU ने रिपोर्ट शासन को भेजी। शासन के निर्देश पर माहिरा को स्कूल से बर्खास्त कर दिया गया। 34 साल बाद अब उसके खिलाफ तथ्य छिपाकर नौकरी हासिल करने के आरोप में अजीमनगर थाने में FIR दर्ज की गई है।

 

कर दूँ?

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