Tuesday, July 21

पूरे देश के लिए चुनौती बन गया डिजिटल फ्रॉड, आरबीआई गवर्नर ने बैंकों को चेताया

नई दिल्ली: देश में डिजिटल फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और यह पूरे देश के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैंकों और सभी वित्तीय संस्थानों को चेतावनी दी है कि वे नियमों को केवल खानापूर्ति की तरह न अपनाएं, बल्कि उनके पीछे छिपे असली मकसद और भावना को समझें।

डिजिटल बैंकिंग में सुरक्षा जरूरी:
मल्होत्रा ने शुक्रवार को मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से बैंकिंग सेवाएं ग्राहकों तक आसानी से पहुंच रही हैं। लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होना, हिडन चार्ज वसूली, ग्राहकों को पूरी जानकारी न देना और कर्ज वसूली के गलत तरीके गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।

बैंकों की निगरानी और तकनीक:
आरबीआई गवर्नर ने सुझाव दिया कि बैंकों को आपस में तालमेल बिठाना चाहिए ताकि फर्जी खाते (म्यूल अकाउंट्स) और संदिग्ध लेन-देन का समय रहते पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन से बैंकिंग का दायरा बढ़ा और काम में तेजी आई, लेकिन इसके साथ रिस्क भी बढ़ा है। इसके लिए नई तकनीक तैयार की जानी चाहिए जिससे हर समय बैंकिंग लेन-देन की सतत निगरानी संभव हो सके।

मिलकर काम करना जरूरी:
मल्होत्रा ने कहा कि डिजिटल फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए सभी बैंक, वित्तीय संस्थान और संबंधित एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा। केवल नियमों को अपनाने भर से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि उनके पीछे के उद्देश्य को समझकर कार्रवाई करना जरूरी है।

 

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