Tuesday, July 21

लखनऊ में जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ — सीएम योगी ने भगवान बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि

लखनऊ, 13 नवंबर: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह उत्सव जनजातीय समाज की परंपरा, संस्कृति और गौरव को पुनर्जीवित करने के साथ उन्हें राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में 1 से 15 नवंबर तक “जनजाति गौरव पखवाड़ा” मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर को सम्मान देना है।

22 राज्यों के कलाकारों ने सजाया सांस्कृतिक संगम

उत्सव में देश के 22 राज्यों से आए जनजातीय कलाकारों ने अपनी पारंपरिक नृत्य-कलाओं और लोकसंगीत के माध्यम से समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का शानदार प्रदर्शन किया। इस आयोजन में अरुणाचल प्रदेश को पार्टनर राज्य के रूप में जोड़ा गया है।

हस्तशिल्प और व्यंजन मेले ने खींचा ध्यान

कार्यक्रम स्थल पर लगे हस्तशिल्प और कला प्रदर्शनी के साथ-साथ जनजातीय व्यंजन मेला आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी ने उत्तर पूर्व से लेकर मध्य भारत तक की संस्कृति को एक मंच पर साकार किया।

ऐतिहासिक वर्ष की त्रिवेणी

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष कई ऐतिहासिक अवसरों से जुड़ा है —

  • सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती,
  • भगवान बिरसा मुंडा के 150 वर्ष, और
  • राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “वंदे मातरम” केवल एक गीत नहीं, बल्कि वह अमर मंत्र है जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को दिशा दी और भारत की एकता व अखंडता की आत्मा बन गया।

जनजातीय गौरव को राष्ट्रीय पहचान

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे जनजातीय समाज की परंपराओं, बलिदानों और संस्कृति को समझें और सम्मान दें, क्योंकि यही भारत की असली आत्मा है।

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