Tuesday, July 21

ईसरदा पेयजल परियोजना: दौसा विधायक इस्तीफा देने को तैयार, निकाय चुनाव से पहले काम पूरा होने की मांग

 

 

जयपुर/दौसा: दौसा में ईसरदा पेयजल परियोजना को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा ने भाजपा सरकार को चुनौती दी है कि अगर पंचायत और निकाय चुनाव से पहले परियोजना का काम पूरा हो जाता है, तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। बैरवा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भाजपा काम नहीं करती, बल्कि केवल काम का श्रेय लेना जानती है।

 

ईसरदा परियोजना क्या है:

ईसरदा पेयजल परियोजना का शिलान्यास पिछले साल 5 अगस्त को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दौसा जिले के डूंगरपुर गांव में किया था। इस परियोजना के तहत दौसा के सात शहरों और 1256 गांवों को पेयजल मुहैया कराया जाएगा। ईसरदा बांध सवाई माधोपुर और टोंक जिलों की सीमा पर स्थित है, और इस परियोजना से दौसा के साथ-साथ टोंक और सवाई माधोपुर के कई गांवों की पेयजल समस्या हल होने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि वर्ष 2027 तक काम पूरा कर लिया जाएगा।

 

सियासी बयानबाजी:

बैरवा का कहना है कि अब तक परियोजना का अधिकांश काम पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय हुआ था और वर्तमान भाजपा सरकार पिछले दो साल में इस पर कोई ठोस कार्य नहीं कर रही। यदि यही स्थिति रही, तो अगले एक साल तक दौसा की जनता को परियोजना से पेयजल नहीं मिल पाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने काम नहीं किया, तो जनता भाजपा को ‘पानी पिला देगी’।

 

परियोजना की प्रगति:

बैरवा के अनुसार, परियोजना का 80 प्रतिशत कार्य पहले ही पूरा हो चुका था। वर्तमान सरकार केवल पूर्व सरकार के किए गए कार्यों का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है।

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