Tuesday, July 21

भरतपुर: एसीबी ने बिजली विभाग के एईएन और जेईएन को रिश्वत लेते गिरफ्तार, स्कूटी पर भागते-भागते नाले में गिरा आरोपी

 

भरतपुर: राजस्थान के भरतपुर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बिजली विभाग में रिश्वतखोरी का खुलासा करते हुए सहायक अभियंता (एईएन) मोहित कटियार और कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) अभिषेक गुप्ता को गिरफ्तार किया। दोनों पर सोलर इंस्टॉलेशन फाइलों को पास करने के बदले 90 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।

 

एसीबी ने किया ट्रैप:

एसीबी की टीम ने शुक्रवार शाम दोनों अधिकारियों को ट्रैप किया। इस दौरान जेईएन अभिषेक गुप्ता को जैसे ही टीम की भनक लगी, वह रिश्वत की रकम स्कूटी की डिक्की में रखकर भागने लगा। करीब तीन किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उसने 10 फीट गहरे नाले में छलांग लगाई। नाले में फंसने के बाद उसे बाहर निकाला गया, जिसमें उसके पैरों और घुटनों में चोटें आईं और पेंट गीली हो गई।

 

रिश्वत का पूरा मामला:

एसीबी के अनुसार अधिकारी उच्चैन क्षेत्र में तैनात थे और प्रति फाइल 5 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। कुल 18 फाइलों के लिए 90 हजार रुपये का सौदा तय किया गया था, जिसमें पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये लेने थे।

 

शिकायत और कार्रवाई:

शुक्रवार को ही परिवादी ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। परिवादी सोलर प्लांट लगाने का कार्य करता है और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत इंस्टॉलेशन करता है। मीटर चालू होने के बाद ही सब्सिडी मिलती है, जिसके लिए फाइल पास होना जरूरी था। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने सत्यापन कर ट्रैप की कार्रवाई की।

 

कैसे हुई रकम की अदला-बदली:

सौदा तय होने के बाद एईएन मोहित कटियार उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में था। परिवादी के संपर्क पर जेईएन ने उसे भरतपुर स्थित अपने घर बुलाया और वहाँ रिश्वत की रकम ली। दोनों आरोपियों को एसीबी ने गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।

 

जांच जारी:

एसीबी इस पूरे मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फाइलें कितने समय से लंबित थीं और कब से रिश्वत की मांग की जा रही थी।

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