Tuesday, July 21

जयपुर में ऑडी का कहर: रेसिंग के दौरान बेकाबू कार ने ली एक जान, 16 घायल

 

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार की सर्द रात रफ्तार और लापरवाही का ऐसा खौफनाक नज़ारा सामने आया, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। मानसरोवर इलाके में रेसिंग कर रही एक तेज़ रफ्तार ऑडी कार ने सड़क किनारे खड़े लोगों पर कहर बरपाया। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि 16 से अधिक लोग घायल हो गए। चार घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

 

फूड स्टॉल्स में घुसी बेकाबू ऑडी

 

यह दर्दनाक हादसा पत्रकार कॉलोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत खरबास सर्किल के पास शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही ऑडी कार पहले डिवाइडर से टकराई और फिर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी फूड स्टॉल्स में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि 10 से ज्यादा ठेले क्षतिग्रस्त हो गए और एक अन्य कार पलट गई। ऑडी कार करीब 100 मीटर तक घिसटती हुई एक पेड़ से टकराकर रुकी।

 

एक की मौत, 16 घायल

 

हादसे में भीलवाड़ा निवासी रमेश बैरवा (फूड स्टॉल हेल्पर) की मौके पर ही मौत हो गई। 16 से अधिक घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से जयपुरिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चार की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया। अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है।

 

नशे में रेसिंग, ड्राइवर समेत तीन फरार

 

पुलिस जांच में सामने आया है कि ऑडी कार चूरू निवासी दिनेश रणवां, जो सोलर बिजनेसमैन बताया जा रहा है, चला रहा था। कार में उसके साथ तीन अन्य लोग भी सवार थे, जिनमें एक जयपुर पुलिस का सिपाही भी शामिल था। हादसे के बाद ड्राइवर समेत तीन लोग मौके से फरार हो गए, जबकि एक युवक को भीड़ ने पकड़ लिया। प्रारंभिक जांच में सभी के नशे में होने की पुष्टि हुई है।

 

कौन-सी कार थी?

 

हादसे में शामिल कार की पहचान Audi A4 (B8.5 जेनरेशन, 2013–2016 मॉडल) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि कार की तेज़ रफ्तार और अत्यधिक पावर के कारण चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे यह भयावह दुर्घटना हुई।

 

प्रशासन हरकत में, जांच तेज

 

हादसे की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा रात में ही मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर भी अस्पताल पहुंचे। जयपुर पुलिस ने ऑडी कार को जब्त कर लिया है और कार से मिले मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश में विशेष टीमें गठित की गई हैं।

 

सवालों के घेरे में रफ्तार और कानून

 

इस हादसे ने एक बार फिर शहर में स्ट्रीट रेसिंग, नशे में ड्राइविंग और कानून के डर के खत्म होते प्रभाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि कब तक मासूम लोग रफ्तार के इस जुनून की कीमत अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे?

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