Wednesday, July 22

इंडिया-ईयू एफटीए: गणतंत्र दिवस पर यूरोप के 27 देशों को साधने भारत का मास्टर प्लान

नई दिल्ली: इस गणतंत्र दिवस पर भारत ने वैश्विक राजनीति में एक मास्टरस्ट्रोक खेलने की तैयारी कर ली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अनिश्चित और घमंडी हरकतों को ध्यान में रखते हुए भारत ने यूरोपीय संघ (EU) के पूरे 27 देशों के साथ नजदीकी बढ़ाने का प्लान बनाया है।

मोदी सरकार ने यूरोपीय संघ के दो दिग्गज नेताओं—उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष, और एंटोनियो कोस्टा, यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष—को गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। यह कदम अमेरिका के विकल्प के रूप में यूरोप को एक मजबूत व्यापारिक और राजनीतिक साझेदार के रूप में स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

भारत और यूरोप के बीच लंबे समय से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत चल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस यात्रा के दौरान ही संभव है कि FTA पर साइनिंग हो जाए। यदि ऐसा होता है, तो अमेरिका के साथ व्यापारिक महत्व घट जाएगा क्योंकि भारत को यूरोप के 27 देशों के बड़े बाजार तक बेरोकटोक पहुंच मिल जाएगी, बिना टैरिफ की चिंता किए।

ट्रंप की हरकतों ने यूरोप का मोहभंग किया

भारत और यूरोप की नजदीकी बढ़ाने का एक बड़ा कारण अमेरिकी नीति और डोनाल्ड ट्रंप की अनिश्चितता है। ट्रंप ने यूरोपीय नेताओं का सार्वजनिक मंच पर मजाक उड़ाया है और चीन के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिससे यूरोपीय देशों को अमेरिका पर भरोसा कम होने लगा है। वहीं, यूरोप चीन को लेकर सचेत है और ऐसे में भारत उनके भरोसे का नया विकल्प बनकर उभर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस मास्टर प्लान से भारत न केवल वैश्विक राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करेगा, बल्कि यूरोप के साथ व्यापारिक रिश्तों में भी नई ऊंचाई छू सकेगा।

 

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