Wednesday, July 22

बेहद खास है गणतंत्र दिवस पर ‘एट होम रिसेप्शन’ का निमंत्रण पत्र, अष्टलक्ष्मी राज्यों से है कनेक्शन

गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर राष्ट्रपति भवन में ‘एट होम रिसेप्शन’ की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार राष्ट्रपति भवन द्वारा मेहमानों को भेजे जाने वाले निमंत्रण पत्र में पूर्वोत्तर के अष्टलक्ष्मी राज्यों की पारंपरिक शिल्पकला को खूबसूरती से पेश किया गया है।

इन विशेष निमंत्रण पत्रों के जरिए न केवल भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया गया है, बल्कि स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को भी प्रोत्साहित किया गया है। अष्टलक्ष्मी राज्यों में असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम शामिल हैं। ये राज्य अपनी सदियों पुरानी शिल्पकला और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाने जाते हैं।

राष्ट्रपति भवन की इस पहल का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना और आधुनिक युग में भी पारंपरिक कला को संरक्षित रखना है। इसके अलावा, यह प्रयास ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों को भी बढ़ावा देता है, जिससे स्थानीय कारीगर और उद्यमी सशक्त बन सकें।

गणतंत्र दिवस का यह राष्ट्रीय समारोह हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है, जो भारत के संविधान को अंगीकृत किए जाने की स्मृति में आयोजित होता है। राजधानी दिल्ली में होने वाली इस परेड में सशस्त्र बलों की टुकड़ियां, झांकियां और विभिन्न सांस्कृतिक प्रदर्शन प्रस्तुत किए जाते हैं।

साथ ही, विजय चौक पर आयोजित होने वाला ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह इस दिन का औपचारिक समापन करता है, जिसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना के सैन्य बैंड अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह लेते हैं।

इस बार अष्टलक्ष्मी राज्यों के कारीगरों द्वारा तैयार किए गए इनविटेशन पत्र ने राष्ट्रपति भवन के ‘एट होम रिसेप्शन’ को और भी विशेष बना दिया है और भारत की सांस्कृतिक धरोहर को गौरवान्वित किया है।

 

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