Tuesday, July 21

उत्तराखंड: फूलों की घाटी में जंगलों में आग का बड़ा खतरा, एयरफोर्स और आपदा टीमों से मदद मांगी

 

के जंगलों में आग ने चार दिनों से विकट हालात पैदा कर दिए हैं। वन विभाग की टीम द्वारा आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ऊंची चट्टानों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण वनकर्मियों के लिए इसे नियंत्रित करना असंभव साबित हो रहा है।

 

वन विभाग ने भारतीय वायु सेना (IAF), एसडीआरएफ और आईटीबीपी से मदद मांगी है ताकि विश्व धरोहर फूलों की घाटी को आग से बचाया जा सके। अधिकारियों ने प्रशासन से तुरंत कदम उठाने का अनुरोध किया है।

 

आग फैलने का कारण:

प्रभागीय वन अधिकारी अभिमन्यु के अनुसार, आग की चिंगारियां चट्टानों से पत्थर गिरने के कारण शुरू हुईं। शुष्क मौसम और सूखी पत्तियां आग भड़काने में सहायक बनी हैं। बारिश न होने के कारण जंगल में नमी नहीं है, जिससे आग फैलना तेज हो गया है।

 

जटिल परिस्थितियां:

फूलों की घाटी रेंज में लक्ष्मण गंगा और अलकनंदा नदी के बीच पहाड़ियों के जंगल धधक रहे हैं। वनकर्मियों ने पुष्पगंगा के रास्ते बल्ली लगाकर जंगल तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन गिरते पत्थर और पेड़ों के कारण क्षेत्र में जाना खतरनाक बना हुआ है।

 

प्रशासन की प्रतिक्रिया:

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि वन विभाग द्वारा भेजी गई रिपोर्ट चिंताजनक है। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव को भी तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने अगले 10 दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं बताई है, जिससे आग को फैलने से रोकना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

 

वन विभाग ने कहा कि विश्व धरोहर फूलों की घाटी को बचाने के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाना आवश्यक है।

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