Tuesday, July 21

REET के सिर्फ सरकारी शिक्षक बनने तक नहीं, ये हैं 7 और बड़े फायदे

जयपुर: राजस्थान में शिक्षक बनने की राह अब और आसान हो गई है। राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) 17 से 20 जनवरी 2026 तक आयोजित होने जा रही है। राजस्थान स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड (RSSB) ने परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। राज्य में लेवल-1 और लेवल-2 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में हर साल करीब 10 से 12 लाख उम्मीदवार बैठते हैं।

रीट परीक्षा केवल सरकारी शिक्षक बनने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कई और फायदे भी हैं।

रीट परीक्षा क्या है?
राजस्थान में कक्षा 1 से 8 तक के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए रीट परीक्षा अनिवार्य है। बिना इस परीक्षा के पास किए उम्मीदवार सरकारी शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर सकते। कक्षा 1 से 5 के लिए लेवल-1 और कक्षा 6 से 8 के लिए लेवल-2 परीक्षा आयोजित होती है।

योग्यता:

  • लेवल-1 (कक्षा 1-5): सीनियर सेकेंडरी कम से कम 50% अंकों के साथ पास या एलिमेंट्री एजुकेशन में डिप्लोमा कर रहे/पूरा कर चुके।
  • लेवल-2 (कक्षा 6-8): ग्रेजुएशन में कम से कम 50% अंकों के साथ पास और B.Ed. या एलिमेंट्री एजुकेशन डिप्लोमा में फाइनल ईयर में पढ़ रहे/पूरा कर चुके।

रीट सर्टिफिकेट की वैधता:
रीट परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को लाइफ टाइम वैध सर्टिफिकेट मिलता है। पहले इसकी वैधता तीन साल थी, अब यह जीवनभर के लिए मान्य है।

रीट परीक्षा के 7 बड़े फायदे:

  1. सरकारी शिक्षक भर्ती का मार्ग: रीट पास करने के बाद राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती का अवसर मिलता है।
  2. राज्य के बाहर करियर: दूसरे राज्यों के प्राइवेट स्कूल और शैक्षणिक संस्थानों में प्राथमिकता मिलती है।
  3. सरकारी भर्ती की तैयारी में सहायक: बाल विकास, शिक्षाशास्त्र, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की तैयारी अन्य सरकारी परीक्षाओं के लिए भी लाभकारी होती है।
  4. कोई आयु सीमा नहीं: किसी भी उम्र में परीक्षा दी जा सकती है, और सर्टिफिकेट का फायदा पूरी जिंदगी उठाया जा सकता है।
  5. CTET और अन्य TET में मदद: रीट की तैयारी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) और अन्य राज्यों की TET परीक्षाओं में सहायक होती है।
  6. प्राइवेट स्कूलों में प्राथमिकता: टीचर पात्रता पास करने वाले उम्मीदवारों को प्राइवेट और सीबीएसई से एफिलिएटेड स्कूलों में नौकरी मिलने में आसानी होती है।
  7. बेहतर टीचिंग करियर: रीट पास करने वाले उम्मीदवार खुद का कोचिंग या ऑनलाइन शिक्षण शुरू कर सकते हैं, और शिक्षा क्षेत्र में विश्वसनीयता बढ़ती है।

राजस्थान में शिक्षक बनने की यह परीक्षा न केवल नौकरी के अवसर बढ़ाती है, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में करियर के नए रास्ते भी खोलती है।

 

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