Tuesday, July 21

पहले दिवालिया अंबानी और अब अडानी? प्रशांत भूषण ने राफेल डील को लेकर मोदी सरकार पर साधा निशाना, शेयर किया पुराना वीडियो

नई दिल्ली। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने फ्रांस के साथ भारत द्वारा की जाने वाली कथित नई राफेल फाइटर जेट डील को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने पर चर्चा कर रही है, जिसकी अनुमानित कीमत 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

इस बीच, प्रशांत भूषण ने पुराना वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर साझा करते हुए कहा कि जब सरकार इतनी बड़ी डील करने जा रही है, तो आइए 2015 की 60,000 करोड़ की डील को याद करें।

भूषण ने वीडियो में बताया कि उस समय राफेल डील के 50% ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट दिवालिया अनिल अंबानी की नई बनी रिलायंस डिफेंस कंपनी को दिए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस बार इसी तरह की बड़ी डील में अडानी समूह को चुना जाएगा।

भूषण के इस ट्वीट ने एक बार फिर राफेल डील और सरकारी प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनकी टिप्पणी ने न केवल मीडिया का ध्यान खींचा है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का विषय बन गई है।

यह विवाद राफेल विमान खरीद प्रक्रिया, ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट और बड़े व्यवसायिक समूहों के रोल को लेकर नए सिरे से बहस को जन्म दे रहा है।

 

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