Tuesday, July 21

एमपी में डिजिटल विधानसभा, विधायकों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी पर मंथन

 

 

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार अब प्रशासनिक कामकाज के बाद विधानसभा की कार्यवाही को भी हाई-टेक बनाने जा रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बीच हुई बैठक में प्रदेश विधानसभा को डिजिटल बनाने और विधायकों की सुख-सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

 

बजट सत्र से शुरू होगा ‘ई-विधान’

सरकार ने निर्णय लिया है कि आगामी बजट सत्र से विधानसभा में ‘ई-विधान’ प्रणाली लागू की जाएगी। कैबिनेट बैठकों की तरह अब विधानसभा की कार्यवाही भी पेपरलेस होगी। हालांकि इसे पहले सत्रों में लागू किया जाना था, लेकिन तकनीकी तैयारियों के कारण अब इसे फरवरी में होने वाले बजट सत्र से अनिवार्य रूप से शुरू करने की योजना है।

 

विधायकों के वेतन-भत्तों और आवास पर चर्चा

बैठक में विधायकों के वेतन और भत्तों में वृद्धि पर भी गंभीर मंथन हुआ। वेतन वृद्धि के लिए गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। लंबे समय से विधायक भत्तों में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे, जिस पर बजट सत्र में अंतिम निर्णय होने की संभावना है।

साथ ही, विधायक विश्राम गृह परिसर में नए लग्जरी आवासों के निर्माण और तकनीकी बाधाओं को दूर करने पर भी सहमति बनी।

 

बैठक में मुख्यमंत्री के साथ संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी मौजूद रहे। लंबे समय से मध्य प्रदेश में ई-विधानसभा की मांग चल रही है और इसके लिए विधायकों को टैब भी दिए जाने की योजना है।

 

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