Tuesday, July 21

लखनऊ: इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में ATS का ताबड़तोड़ एक्शन, डॉ. परवेज से पूछताछ – धमाके से तीन दिन पहले क्यों दिया इस्तीफा?

लखनऊ (NBT NEWS DESK)। दिल्ली में हुए लाल किले ब्लास्ट केस की जांच में यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (ATS) ने अपनी गति तेज कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार को ATS की टीम इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ पहुंची और विश्वविद्यालय प्रशासन के लोगों से पूछताछ की। खास तौर पर टीम ने डॉ. परवेज अहमद अंसारी के बारे में अहम जानकारी जुटाई।

डॉ. परवेज और उनका संदिग्ध कनेक्शन:
जानकारी के अनुसार, डॉ. परवेज अंसारी, जैश कमांडर डॉ. शाहीन सईद के भाई बताए जा रहे हैं। ATS अब डॉ. परवेज और उनके संपर्कों के संबंध में सभी एंगल से जांच कर रही है। डॉ. परवेज ने दिल्ली ब्लास्ट से तीन दिन पहले ही विश्वविद्यालय से इस्तीफा दे दिया था, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि उनका अचानक इस्तीफा किसी संदिग्ध कारण से तो नहीं था।

इस्तीफा और पिछले रिकॉर्ड:
डॉ. परवेज ने 6 नवंबर को ड्यूटी की, लेकिन 7 नवंबर को अचानक ईमेल के जरिए इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे में उन्होंने बेहतर पोस्ट और सैलरी का हवाला दिया। वे साल 2021 में विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त हुए थे। विश्वविद्यालय में उनका व्यवहार शांत और मिलनसार था, लेकिन किसी के बेहद करीबी मित्र के रूप में नहीं जाने जाते थे।

जाँच के अन्य पहलू:
फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में डॉ. शाहीन सईद की गिरफ्तारी के बाद, जांच एजेंसियों ने डॉ. परवेज के लखनऊ स्थित घर पर छापेमारी की थी और उन्हें हिरासत में लिया गया। डॉ. परवेज का डॉ. आदिल से भी संपर्क होने की खबर है। इस्तीफे के तुरंत बाद दिल्ली में लाल किले के पास ब्लास्ट हुआ, जिससे जांच एजेंसियां इस मामले को कई एंगल से देख रही हैं।

यूपी एटीएस की वर्तमान कार्रवाई:
अब यूपी एटीएस की टीम डॉ. परवेज और उनके संपर्कों से संबंधित तमाम जानकारी जुटा रही है, ताकि धमाके में उनके किसी भी संलिप्तता की पुष्टि की जा सके।

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