Wednesday, July 22

ईरान में खामेनेई के आदेश पर कत्लेआम: 2500 से अधिक की मौत, देश में हड़कंप

 

 

 

तेहरान, 14 जनवरी: ईरान में बढ़ती महंगाई और गिरती अर्थव्यवस्था के विरोध में शुरू हुए प्रदर्शन अब हिंसक हो चुके हैं। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 2500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस हिंसा में देश की तीनों सरकारी शाखाओं की सहमति के साथ सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाने के आदेश दिए।

 

विरोध प्रदर्शन और हिंसा का विस्तार:

 

प्रदर्शन बीते साल 28 दिसंबर से शुरू हुए, जब व्यापारी महंगाई के विरोध में सड़कों पर उतरे।

धीरे-धीरे आम लोग भी इसमें शामिल हुए और गुरुवार की रात प्रदर्शन उग्र रूप धारण कर लिया।

सार्वजनिक जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ हुई, मस्जिदें भी इससे अछूती नहीं रहीं।

 

सख्त सुरक्षा कार्रवाई:

 

ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ फायरिंग की इजाजत दी।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर और बासिज फोर्स ने गोलियां चलाईं, जिससे बड़ी संख्या में मौतें हुईं।

सुरक्षाबलों ने भी नुकसान उठाया; दर्जनों सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई।

 

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और चेतावनी:

 

ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी।

ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और कहा कि मदद आ रही है, लेकिन सहायता के स्वरूप का खुलासा नहीं किया।

 

स्थिति गंभीर:

 

गुरुवार 8 जनवरी से प्रदर्शन उग्र हुए।

इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय कॉल बंद कर दी गई।

विरोध अब तक 2500 से अधिक लोगों की जान ले चुका है, जबकि पहले एक सप्ताह में 42 लोग मारे गए थे।

 

इस विरोध ने 1979 की इस्लामिक क्रांति की याद ताजा कर दी है, जब शाह रजा पहलवी का तख्तापलट हुआ था। अब सवाल यह है कि क्या वर्तमान हिंसा भी देश में राजनीतिक तख्तापलट का रास्ता खोल सकती है।

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