Wednesday, July 22

इंडिया ओपन 2026 में अव्यवस्थाओं पर फिर सवाल, पक्षी की बीट के कारण दो बार रुका एचएस प्रणॉय का मुकाबला

नई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में चल रहे इंडिया ओपन 2026 में एक बार फिर आयोजन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को पुरुष एकल के दूसरे दौर में भारत के एचएस प्रणॉय और सिंगापुर के लोह कीन यू के बीच खेला गया मुकाबला उस समय चर्चा में आ गया, जब पक्षी की बीट गिरने के कारण मैच को दो बार रोकना पड़ा। इस असामान्य घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मैच के खेल पक्ष की बात करें तो आठवें वरीयता प्राप्त सिंगापुर के लोह कीन यू ने कड़े मुकाबले में एचएस प्रणॉय को 18-21, 21-19, 21-14 से पराजित किया। हालांकि, परिणाम से ज्यादा सुर्खियां उस घटना ने बटोरी, जिसने एक बार फिर टूर्नामेंट की व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर दिया।

पक्षी की बीट से बाधित हुआ खेल
मैच के दौरान कोर्ट पर पक्षी की बीट गिरने के कारण खेल को रोकना पड़ा। अंपायर के निर्देश पर कोर्ट की सफाई कराई गई, जिसके बाद मैच दोबारा शुरू हुआ। कुछ देर बाद फिर इसी वजह से खेल बाधित हुआ। मुकाबले के बाद एचएस प्रणॉय ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मुझे लगता है कि वह पक्षी की बीट थी, जिसके कारण मैच रोका गया।”

आयोजन स्थल पर उठ रहे हैं सवाल
इंडिया ओपन के आयोजन स्थल को लेकर पहले से ही कई खिलाड़ी असंतोष जता चुके हैं। डेनमार्क की शटलर मिया ब्लिचफेल्ट ने ट्रेनिंग कंडीशंस और साफ-सफाई को लेकर सवाल उठाए थे। हाल ही में भारतीय बैडमिंटन संघ के महासचिव संजय मिश्रा ने दावा किया था कि इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम पूरी तरह कबूतर मुक्त है, लेकिन ताजा घटना ने इन दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है।

खिलाड़ियों की चिंता बढ़ी
इंडिया ओपन में अव्यवस्थाओं का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले स्टेडियम में बंदर नजर आने की घटना भी सामने आ चुकी है। वहीं, दुनिया के नंबर-3 शटलर एंडर्स एंटोनसन ने दिल्ली के प्रदूषण और ठंड का हवाला देते हुए टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया। हालांकि, नियमों के तहत उन पर 5,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है।

प्रतिष्ठा पर असर की आशंका
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से न सिर्फ खिलाड़ियों की सुरक्षा और सुविधा पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मेजबानी क्षमता की छवि को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। अब देखना होगा कि टूर्नामेंट आयोजक और संबंधित अधिकारी इन कमियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाते हैं, ताकि भविष्य में ऐसे वाकये दोबारा न हों।

 

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