Tuesday, July 21

देहरादून: 79 जर्जर स्कूलों पर बुलडोजर कार्रवाई, डीएम सविन बंसल का सख्त रुख

 

देहरादून में जिला प्रशासन ने 79 जर्जर स्कूलों को ध्वस्त करने का निर्णय लिया है। यह कदम बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उठाया गया है। प्रशासन ने इसके लिए एक करोड़ रुपये की राशि भी जारी कर दी है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि बच्चों के जीवन से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी जर्जर स्कूलों का ध्वस्तीकरण समय पर और सुरक्षित तरीके से किया जाए।

कार्रवाई के पीछे का कारण
हाल ही में जिले में जर्जर स्कूलों के कारण बच्चों की जान को खतरा देखा गया। इसके बाद डीएम ने शिक्षा विभाग से रिपोर्ट तलब की, जिस पर विभाग ने 10 दिनों में सर्वे रिपोर्ट तैयार कर दी। जांच में 79 स्कूल पूरी तरह जर्जर पाए गए, जिनमें 66 प्राइमरी और 13 मिडिल स्कूल शामिल हैं।

डीएम ने स्पष्ट किया कि बजट की कमी ध्वस्तीकरण में बाधा नहीं बनेगी। जर्जर भवनों को हटाने के लिए सभी जरूरी संसाधन और व्यवस्था कर दी गई है।

बच्चों की पढ़ाई नहीं होगी बाधित
जिन स्कूलों को तोड़ा जाएगा, वहां पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए वैकल्पिक इंतजाम पहले ही किए गए हैं। 79 स्कूलों में से 63 स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएँ पहले से तैयार हैं, जबकि बचे 16 स्कूलों में भी व्यवस्था पूरी की जा रही है।

सर्वे के दौरान 17 स्कूल आंशिक रूप से जर्जर पाए गए हैं, जिनकी मरम्मत की जाएगी, जबकि 8 स्कूलों को ध्वस्तीकरण के दायरे से बाहर रखा गया है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने शिक्षा अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया और उनकी सरकारी गाड़ियाँ भी जब्त की थीं, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुसार बच्चों के जीवन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

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