Tuesday, July 21

गुरुजी की अनुपस्थिति में पहली बार झारखंड दिवस: हेमंत सोरेन के लिए अग्निपरीक्षा टमाक की गूंज और JMM का झंडा हर गांव तक पहुंचेगा

दुमका (झारखंड): झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का 47वां स्थापना दिवस इस बार पहली बार पार्टी के संस्थापक दिवंगत नेता शिबू सोरेन की गैरमौजूदगी में मनाया जाएगा। 2 फरवरी को दुमका में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को सफल बनाने और कार्यकर्ताओं का विश्वास बनाए रखना झामुमो अध्यक्ष हेमंत सोरेन के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।

पार्टी नेताओं ने परंपरागत रीति-रिवाज और जोश के साथ इस आयोजन को शक्ति प्रदर्शन के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। कार्यक्रम की तैयारियों के लिए रविवार को दुमका क्लब में संताल परगना प्रमंडल स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विधायक बसंत सोरेन की अध्यक्षता में सांसद नलिन सोरेन, मंत्री हफीजुल हसन, महेशपुर विधायक प्रो स्टीफन मरांडी, जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी और सभी जिलाध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत दिवंगत गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर की गई।

बैठक में केंद्रीय विषयों पर चर्चा करते हुए विधायक बसंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में एसआईआर को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर सीधे हमला करते हुए कहा कि 2 फरवरी की रैली में एसआईआर की खामियों को उजागर किया जाएगा और राज्य सरकार द्वारा पारित पेसा कानून की उपलब्धियों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा।

जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी ने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि पार्टी का झंडा हर गांव तक पहुंचे और छोटी-बड़ी हर गाड़ी पर झामुमो का झंडा लहराए। उन्होंने कहा कि झारखंड दिवस की असली पहचान ‘टमाक’ है और इस बार चारों ओर इसकी गूंज सुनाई देनी चाहिए। मंत्री हफीजुल हसन ने मंच से एसआईआर, पेसा कानून और नगर निकाय चुनाव जैसे अहम मुद्दों पर झामुमो की रणनीति स्पष्ट की।

गौरतलब है कि पिछले 46 वर्षों से झामुमो की ओर से दुमका में 2 फरवरी को झारखंड दिवस मनाया जाता रहा है। इस अवसर पर संताल परगना के सभी छह जिलों से हजारों कार्यकर्ता एसपी कॉलेज मैदान में जुटते हैं और जुलूस की शक्ल में गांधी मैदान पहुंचते हैं। शाम से देर रात तक चलने वाले इस आयोजन में कड़ाके की ठंड के बावजूद कार्यकर्ता अपने नेताओं को सुनते रहते हैं। इस बार का स्थापना दिवस न केवल शक्ति प्रदर्शन होगा, बल्कि गुरु शिबू सोरेन की स्मृति को समर्पित एक ऐतिहासिक अध्याय भी बनेगा।

 

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.