Tuesday, July 21

फरवरी में भारत का ग्लोबल साउथ में डंका बजेगा, AI सम्मेलन से बढ़ेगा प्रभाव

 

 

नई दिल्ली: भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में दुनिया के सबसे प्रतिस्पर्धी देशों में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के ग्लोबल एआई वाइब्रेंसी टूल के अनुसार, अमेरिका और चीन के बाद भारत ने तकनीकी क्षमता, प्रतिभा और नवाचार के मामले में अपने पांव जमाए हैं। इस विकास ने भारत को ग्लोबल साउथ देशों के बीच अगुआ बनने की दिशा में अग्रसर कर दिया है।

 

ब्रिटेन, जापान और फ्रांस को पीछे छोड़ा

वाइब्रेंसी स्कोर के आधार पर अमेरिका 78.6 और चीन 36.95 के स्कोर के साथ पहले दो स्थान पर हैं। भारत का स्कोर 21.59 है, जो उसे दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम, सिंगापुर, जापान, कनाडा, जर्मनी और फ्रांस जैसे विकसित देशों से आगे रखता है।

 

India AI Impact Summit 2026: भारत की वैश्विक पहल

19-20 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले India AI Impact Summit में भारत एआई के लिए साझा मानक बनाने की दिशा में विभिन्न देशों के बीच सहमति स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। सम्मेलन में अमेरिका, चीन और ग्लोबल साउथ के 100 से अधिक प्रमुख CEOs हिस्सा लेंगे।

 

तीन मूलभूत सूत्रों पर आधारित सम्मेलन

सम्मेलन का आधार तीन प्रमुख सिद्धांत होंगे—AI के लाभों का समान वितरण सुनिश्चित करना, डेटा, कंप्यूटर और मॉडल तक लोकतांत्रिक पहुंच देना, तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और शासन में AI के अनुप्रयोग को बढ़ावा देना।

 

ओपन सोर्स और लोकतांत्रिक AI

भारत स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि के क्षेत्रों में AI उपयोग के मामलों का ओपन सोर्स भंडार स्थापित करने के लिए तैयार है। इसके तहत AI उपकरणों और संसाधनों को ग्लोबल साउथ में तैनात किया जाएगा, ताकि सभी देशों को इसका समान लाभ मिल सके।

 

भविष्य में भारत ग्लोबल साउथ का नेतृत्व करेगा

ग्लोबल साउथ देशों में विकासशील और अल्प विकसित देशों का समावेश है। AI में भारत की बढ़ती गति और वैश्विक साझेदारी उसे इन देशों का नेतृत्व करने योग्य बनाएगी। इस कदम से अमेरिका और यूरोपीय देशों में यह आशंका भी बन रही है कि ग्लोबल साउथ की ताकत अब और बढ़ सकती है।

 

 

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