Tuesday, July 21

धार में भोजशाला पर सुरक्षा की कड़ी परीक्षा, बसंत पंचमी पर प्रशासन और पुलिस अलर्ट

धार, 19 जनवरी 2026: इस बार बसंत पंचमी 23 जनवरी को शुक्रवार के दिन पड़ रही है, जिससे धार की ऐतिहासिक भोजशाला प्रशासन और पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। इस दिन भोजशाला परिसर में मां वागदेवी की पूजा और नमाज दोनों का आयोजन होने वाला है। प्रशासन ने किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

फ्लैग मार्च और निगरानी

शहर में सुरक्षा की स्थिति का जायजा लेने के लिए रविवार को करीब 2000 जवानों ने फ्लैग मार्च निकाला। भोजशाला और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे और लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जाएगी।

अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती

एआईजी कानून-व्यवस्था के निर्देश पर 20 जनवरी से 27 जनवरी तक अतिरिक्त पुलिस बल भोजशाला के आसपास तैनात रहेगा। जिले में 2435 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था में लगे रहेंगे। इसके अलावा केंद्रीय बल और सीआरपीएफ जवानों की भी तैनाती की गई है, ताकि किसी भी स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।

परिसर में सेक्टरवार निगरानी

भोजशाला परिसर को छह अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है, हर सेक्टर में जिम्मेदारी तय की गई है। अस्थायी पुलिस चौकियों और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे इलाके की मॉनिटरिंग की जाएगी।

दोनों समुदायों का सहयोग

महाराजा भोज स्मृति बसंतोत्सव समिति ने घोषणा की कि 23 जनवरी को सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजा आयोजित की जाएगी। वहीं, मुस्लिम समाज ने शुक्रवार की नमाज को लेकर सुरक्षा व्यवस्था में प्रशासन का पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

कानूनी और व्यावहारिक चुनौती

प्रशासन के सामने एक कानूनी उलझन भी है। एएसआई के 7 अप्रैल 2003 के आदेश के अनुसार हिंदू समाज को भोजशाला में मंगलवार और बसंत पंचमी को पूजा की अनुमति है, जबकि मुस्लिम समाज को हर शुक्रवार नमाज की इजाजत है। जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती है, तो व्यवस्थाओं का समन्वय करना प्रशासन के लिए चुनौती बन जाता है।

शहर में उत्सव की तैयारियां

धार में धार्मिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। लालबाग परिसर से बाल मनुहार यात्रा निकाली गई, जिसमें छोटे बच्चे ढोल, डमरू, मंजीरे और थाली बजाते हुए लोगों को 23 जनवरी को अधिक से अधिक संख्या में भोजशाला पहुंचने की अपील कर रहे हैं।

प्रशासन और पुलिस की यह व्यापक तैयारी सुनिश्चित करेगी कि भक्त और नमाजियों दोनों के लिए सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण बना रहे।

 

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