Tuesday, July 21

हाजी मलंग की चढ़ाई अब 10 मिनट में, 20 साल बाद शुरू हुई फ्यूनिक्यूलर ट्रेन सेवा

ठाणे।
करीब दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार श्री मलंगगढ़ (हाजी मलंग) तीर्थस्थल तक पहुंचने का रास्ता आसान हो गया है। कल्याण से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित इस पहाड़ी धार्मिक स्थल पर रविवार से 1.2 किलोमीटर लंबी फ्यूनिक्यूलर रेलवे सेवा शुरू हो गई। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को अब वह कठिन यात्रा नहीं करनी पड़ेगी, जिसमें पहले लगभग दो घंटे और 2,600 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थीं। अब यह सफर महज 10 मिनट में पूरा होगा।

इस बहुप्रतीक्षित सेवा का उद्घाटन भाजपा विधायक किसान कथोरे ने विधायक सुलभा गायकवाड़ की उपस्थिति में किया। यह परियोजना हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए आस्था का केंद्र माने जाने वाले इस तीर्थस्थल के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। हिंदू इसे मलंगगढ़ तो मुस्लिम समुदाय हाजी मलंग दरगाह के नाम से पूजता है।

दो दिन निःशुल्क सेवा
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परियोजना के ठेकेदार ने घोषणा की है कि फ्यूनिक्यूलर सेवा के पहले दो दिन यात्रियों के लिए पूरी तरह निःशुल्क रहेगी। विशेषकर वार्षिक श्री मलंगगढ़ यात्रा के दौरान यह सेवा बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

2004 में रखा गया था प्रस्ताव
इस परियोजना का प्रस्ताव सबसे पहले वर्ष 2004 में विधायक किसान कथोरे ने रखा था। प्रशासनिक अड़चनों, बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और परिसीमन के कारण इसका काम वर्षों तक अटका रहा। वर्ष 2012 में निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन फिर गति धीमी पड़ गई। बाद में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री रविंद्र चव्हाण के कार्यकाल में धन आवंटन के बाद परियोजना को रफ्तार मिली। लगभग 13 वर्षों में इसका निर्माण पूरा हुआ, हालांकि सुरक्षा और तकनीकी मंजूरियों के कारण उद्घाटन में करीब एक साल की देरी हुई।

इंजीनियरिंग की बड़ी चुनौती
मलंगगढ़ की खड़ी और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी पर फ्यूनिक्यूलर का निर्माण एक बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती था। तमाम तकनीकी बाधाओं और सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद अब यह सेवा आम जनता के लिए खोल दी गई है। लगभग 70 कर्मचारियों द्वारा संचालित यह फ्यूनिक्यूलर एक समय में 120 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है।

150 रुपये होगा किराया
इस परियोजना की अनुमानित लागत शुरुआत में 93 करोड़ रुपये थी। तकनीकी कारणों और दुर्गम भूभाग के चलते लागत और समय दोनों बढ़े। अब सेवा शुरू होने के बाद एक तरफ का किराया 150 रुपये तय किया गया है।

पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
धार्मिक सुविधा के साथ-साथ इस फ्यूनिक्यूलर सेवा से मलंगगढ़ क्षेत्र में पर्यटन को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। यहां रहने वाले सैकड़ों लोग गेस्ट हाउस, रेस्तरां, फूल-माला और पूजा सामग्री के व्यवसाय से जुड़े हैं। स्थानीय व्यापारी इरफान खान का कहना है कि इस सेवा से पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कुल मिलाकर, हाजी मलंग फ्यूनिक्यूलर सेवा न केवल श्रद्धालुओं की कठिनाइयों को कम करेगी, बल्कि मलंगगढ़ को एक आधुनिक, सुरक्षित और सुलभ तीर्थपर्यटन केंद्र के रूप में नई पहचान भी दिलाएगी।

 

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