Tuesday, July 21

उद्धव ठाकरे के अप्रत्यक्ष समर्थन से मुंबई में BJP का मेयर? संजय राउत के बयान से दिल्ली तक मची हलचल

मुंबई (अचलेंद्र कटियार) – मुंबई बीएमसी चुनावों के बाद नए मेयर को लेकर सस्पेंस जारी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस में होने और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं के दिल्ली में व्यस्त रहने के कारण मेयर चुनाव में देरी की अटकलें लग रही हैं। इसी बीच उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने एक बयान देकर राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है।

संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नरेंद्र मोदी चाहेंगे कि बीजेपी का मेयर मुंबई में बने, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि कैसे। उन्होंने यह भी बताया कि बीजेपी के पास बीएमसी में बहुमत नहीं है और चुनाव में जीतने वाले उम्मीदवारों को ताज लैंड्स एंड होटल में लगभग कैदियों की तरह रखा गया है। उनका यह बयान मुंबई से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल का कारण बना।

राउत के अनुसार, केंद्र में सरकार होने और महाराष्ट्र में मजबूत मुख्यमंत्री होने के बावजूद बीजेपी के कॉर्पोरेटर चुनाव में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि बीजेपी का मेयर तभी बन सकता है जब कोई अप्रत्यक्ष समर्थन करे। सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे की तरफ से यह अप्रत्यक्ष समर्थन माना जा रहा है।

संजय राउत ने इससे पहले देवेंद्र फडणवीस की दावोस यात्रा पर उनकी तारीफ की थी। यह कदम बीएमसी मेयर चुनाव में बड़ा सियासी ट्विस्ट माना जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उद्धव ठाकरे का यह कदम एकनाथ शिंदे को असहज करने की रणनीति भी हो सकता है, क्योंकि बीजेपी को अकेले बहुमत नहीं है और शिंदे के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।

बीजेपी के नेताओं का कहना है कि वे किसी भी हाल में उद्धव ठाकरे को साथ नहीं लेंगे और फडणवीस के दावोस से लौटने के बाद ही मेयर चुनाव को अंतिम रूप दिया जाएगा।

संपादकीय टिप्पणी: महाराष्ट्र की राजनीति में अभी भी उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच जटिल समीकरण काम कर रहे हैं। बीएमसी मेयर चुनाव इस बार केवल चुनाव नहीं, बल्कि सियासी रणनीति और अप्रत्यक्ष समर्थन की परीक्षा बन गया है।

 

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