Wednesday, July 22

पटना गर्ल्स हॉस्टल कांड से घिरा नीतीश सरकार का ‘सुशासन’, 6 जनवरी की दूसरी मौत के दावे से बढ़ी हलचल, पुलिस जांच पर गंभीर सवाल

पटना: राजधानी पटना के मुन्नाचक इलाके स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस मामले ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘सुशासन’ के दावों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। विपक्ष, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने पुलिस की शुरुआती जांच, हॉस्टल प्रबंधन और निजी अस्पतालों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

घटना के विरोध में कांग्रेस और महिला कांग्रेस सड़क पर उतर आई। बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्वावरु और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। महिला कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में चूड़ियां लेकर उतरीं और नारेबाजी करते हुए कहा कि जब बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो सरकार को जवाब देना चाहिए।

SIT पर भी उठे सवाल

कृष्णा अल्वावरु ने SIT गठन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जांच निष्पक्ष नहीं दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों को जांच सौंपी गई है, वे ही मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। अल्वावरु ने कहा कि प्रशासन, पुलिस और सरकार अपराधियों के साथ खड़ी नजर आ रही है, न कि जनता के साथ।

6 जनवरी की एक और मौत का दावा

इस बीच एक न्यूज चैनल की रिपोर्ट ने मामले को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 6 जनवरी को पटना के परफेक्ट PG गर्ल्स हॉस्टल में भी एक नाबालिग छात्रा की संदिग्ध मौत हुई थी। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही शव को नीचे उतार लिया गया और अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने नहीं आई है।

पीड़ित पिता के अनुसार, 4 जनवरी को वह बेटी को हॉस्टल छोड़कर आए थे। 6 जनवरी की सुबह बातचीत हुई और दोपहर में सूचना मिली कि बेटी ने आत्मघाती कदम उठा लिया है।

पुलिस जांच पर सवाल

शंभू गर्ल्स हॉस्टल मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर भी तीखी आलोचना हो रही है। आरोप है कि पहले मामले को नींद की गोलियों से जोड़कर जांच की दिशा भटका दी गई। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा के संकेत मिलने के बाद ही पुलिस ने एक गिरफ्तारी की।

लगातार सामने आ रहे मामलों ने पटना में छात्राओं की सुरक्षा और हॉस्टल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

 

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.