Tuesday, July 21

‘बासे चावल का घोल’ से बढ़ाएं पौधों की ग्रोथ, कीड़ों से बचाए प्राकृतिक तरीके से – अनीष ने बताया माली का नुस्खा

रसोई में अक्सर बचने वाले बासे चावल को लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन माली और होम गार्डनिंग एक्सपर्टों का कहना है कि यह आपके पौधों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यूट्यूबर अनीष सिन्हा ने माली की तकनीक से घर पर बनाया जाने वाला यह शक्तिशाली बायोएंजाइम साझा किया है, जो पौधों की ग्रोथ को रॉकेट जैसी रफ्तार देता है और उन्हें जिद्दी कीड़ों से भी बचाता है।

जरूरी सामग्री:

  • 300 ग्राम बासे चावल
  • 100 ग्राम गुड़

बनाने की विधि:

  1. गुड़ को पहले थोड़े पानी में घोल लें।
  2. 2 लीटर की प्लास्टिक बोतल में बासे चावल और गुड़ का घोल डालें।
  3. बोतल को केवल 80% भरें ताकि फर्मेंटेशन के दौरान बनने वाली गैस के लिए जगह रहे।
  4. ढक्कन लगाकर बोतल को अच्छी तरह हिलाएं और निर्माण की तारीख लिख दें।

ध्यान रखने योग्य बातें:

  • शुरुआती कुछ हफ्तों में बोतल में गैस बनती रहेगी। रोजाना या हर दूसरे दिन ढक्कन धीरे-धीरे खोलकर गैस निकालें और फिर बंद करें।
  • बोतल को छायादार और ठंडी जगह पर रखें।
  • घोल पूरी तरह तैयार होने में लगभग 90 दिन लगते हैं। इस दौरान चावल पूरी तरह गलकर एक गाढ़ा, शक्तिशाली लिक्विड फर्टिलाइजर बन जाता है।

उपयोग का तरीका:

  • कीड़ों से बचाव: 1 लीटर पानी में 20ml तैयार घोल मिलाकर प्रभावित हिस्से पर स्प्रे करें।
  • ग्रोथ बढ़ाने के लिए: हर 15 दिन में 1 लीटर पानी में 10ml घोल मिलाकर पौधों की जड़ों में डालें या पत्तियों पर छिड़कें। गर्मियों में इसे पतला करके इस्तेमाल करें।

यह प्राकृतिक घोल मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाता है, पौधों की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है और उन्हें हरा-भरा, घना और चमकदार बनाता है। बासे चावल और गुड़ से बनने वाला यह देसी नुस्खा पौधों की देखभाल में महंगे कीटनाशक और रासायनिक खाद का स्थायी विकल्प साबित हो सकता है।

 

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