Tuesday, July 21

दीपिंदर गोयल: क्विक डिलीवरी इंडस्ट्री के ‘पोस्टर बॉय’ बने जोमैटो के फाउंडर, जानिए उनकी नेटवर्थ

नई दिल्ली: जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी इटरनल के फाउंडर और सीईओ दीपिंदर गोयल ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। भारत की क्विक डिलीवरी इंडस्ट्री में उन्हें ‘पोस्टर बॉय’ के रूप में जाना जाता है। उनकी इस घोषणा से इंडस्ट्री में हलचल मच गई है।

कैसे हुई शुरुआत
पंजाब के मुक्तसर जिले के एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले दीपिंदर ने साल 2006 में IIT की पढ़ाई पूरी करने के बाद बेन एंड कंपनी में नौकरी शुरू की। एक दिन ऑफिस की कैंटीन में लंबी कतार देखकर उन्हें यह आइडिया आया कि मेन्यू कार्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डालकर लोग आसानी से खाना ऑर्डर कर सकें।

उन्होंने पहले फूडलेट वेबसाइट बनाई, फिर इसे बदलकर फूडीबे, और अंततः 2010 में इसे जोमैटो नाम दिया। इस दौरान पंकज चड्ढा उनके को-फाउंडर बने, जिन्होंने टेक्निकल सपोर्ट के जरिए साइट के ट्रैफिक को तीन गुना बढ़ाया।

जोमैटो का सफर और ब्लिंकिट अधिग्रहण
जोमैटो ने दिल्ली-एनसीआर के 1400 से अधिक रेस्टोरेंट्स को प्लेटफॉर्म पर जोड़ा। 2010 में इन्फोएज के फाउंडर संजीव बिखचंदानी ने इसमें एक मिलियन डॉलर का निवेश किया। 2021 में जोमैटो का IPO 21 गुना सब्सक्राइब हुआ। 2022 में जोमैटो ने ब्लिंकिट को खरीदकर क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में अपनी पकड़ मजबूत की। आज इटरनल भारत और UAE समेत कई देशों में कारोबार कर रही है, और इसका मार्केट कैपिटल 2,72,236.39 करोड़ रुपये है।

नेटवर्थ और शेयरहोल्डिंग
43 साल के दीपिंदर गोयल की इटरनल में 3.83% हिस्सेदारी है। हालिया तिमाही में कंपनी के शानदार प्रदर्शन के चलते उनके शेयरों में लगभग 7% की तेजी आई, जिससे उनकी नेटवर्थ में करीब 600 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। Forbes रियलटाइम बिलिनेयर लिस्ट के अनुसार, दीपिंदर गोयल की कुल संपत्ति लगभग $1.6 अरब यानी 14,659 करोड़ रुपये आंकी गई है।

दीपिंदर गोयल का करियर और उनकी दूरदर्शिता क्विक डिलीवरी इंडस्ट्री के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। उनकी अगली योजना और निर्णय पूरी इंडस्ट्री की निगाहों में हैं।

 

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