Tuesday, July 21

दावोस में अश्विनी वैष्णव ने दिखाई भारत की असली AI ताकत, IMF की रैंकिंग पर किया करारा जवाब

 

 

दावोस: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत ने साफ कर दिया कि अब वह एआई (Artificial Intelligence) की दुनिया में पीछे नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने हाल ही में भारत को AI में ‘सेकंड ग्रुप’ में रखा था, जिस पर आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत केवल दूसरा ग्रुप नहीं है, बल्कि दुनिया की शीर्ष 3 AI शक्तियों में शामिल है।

 

अश्विनी वैष्णव ने IMF की रैंकिंग को पुराना और वास्तविकता से दूर करार देते हुए स्टैनफोर्ड की ग्लोबल रिपोर्ट का हवाला दिया। रिपोर्ट के अनुसार, भारत AI रेडीनेस में दुनिया का तीसरा सबसे शक्तिशाली देश है। उन्होंने बताया कि भारत सिर्फ एआई का इस्तेमाल नहीं कर रहा, बल्कि चिप्स, ऐप्स, मॉडल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा—इन पांच स्तरों पर अपना एआई इकोसिस्टम खुद बना रहा है।

 

IMF की पुरानी सोच और भारत का नया सच

मंत्री ने IMF चीफ क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के सामने रैंकिंग के पैमाने पर सवाल उठाए और कहा कि यह तरीका वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाता। भारत एआई के बुनियादी ढांचे को तैयार कर रहा है, जिससे भविष्य की AI दुनिया की नींव मजबूत हो।

 

दिखावा नहीं, समाधान पर फोकस

वैष्णव ने जोर देकर कहा कि AI की असली ताकत केवल बड़े मॉडल बनाने में नहीं, बल्कि असली दुनिया की समस्याओं को हल करने में है। भारत 20 से 50 अरब पैरामीटर वाले मॉडल्स का एक ‘गुलदस्ता’ तैयार कर रहा है, जिनका इस्तेमाल स्वास्थ्य, शिक्षा, खेती और व्यवसायिक सेवाओं में किया जा रहा है। उनका कहना है कि लक्ष्य सिर्फ दिखावा करना नहीं, बल्कि AI के जरिए उत्पादकता बढ़ाना और आम नागरिक के जीवन को आसान बनाना है।

 

AI की रेस में भारत की अपनी राह

आईटी मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी गुट—जैसे अमेरिका या चीन—में शामिल नहीं हो रहा, बल्कि अपनी स्वतंत्र और जिम्मेदार AI नीति बना रहा है। भारतीय कंपनियां व्यावहारिक और वास्तविक दुनिया की जरूरतों को ध्यान में रखकर AI समाधानों का विकास कर रही हैं। अगले महीने आयोजित होने वाले ‘इंडिया AI समिट’ में भारत पूरी दुनिया को अपनी AI ताकत का अहसास कराएगा।

 

 

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