Tuesday, July 21

राम मंदिर में रामलला के आगमन के दो वर्ष पूरे, नई पहचान के साथ बदली अयोध्या की तस्वीर

अयोध्या। प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या के लिए 22 जनवरी की तिथि ऐतिहासिक महत्व रखती है। राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को आज अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार दो वर्ष पूरे हो गए हैं। इन दो वर्षों में अयोध्या नगरी ने विकास, आस्था और आधुनिकता के अद्भुत संगम के साथ अपनी एक नई पहचान गढ़ी है। मंदिर परिसर से लेकर शहर की सड़कों, घाटों और पर्यटन स्थलों तक व्यापक परिवर्तन साफ नजर आ रहा है।

गुरुवार सुबह से ही राम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश-विदेश से आए भक्त रामलला के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ को लेकर मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।

पांच शताब्दियों का इंतजार, ऐतिहासिक निर्णय
राम मंदिर का इतिहास संघर्ष, आस्था और बलिदान की मिसाल है। 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ सदियों का इंतजार समाप्त हुआ। इससे पहले 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले ने विवाद का समाधान किया और राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। इसके तहत 5 फरवरी 2020 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया और 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन कर मंदिर निर्माण कार्य की शुरुआत कराई।

विकास की नई कहानी लिख रही अयोध्या
राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या का स्वरूप तेजी से बदला है। धार्मिक नगरी को विश्वस्तरीय तीर्थ और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। बीते दो वर्षों में शहर में कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं पूरी हुईं, जिनमें रामायण वैक्स म्यूजियम, राम की पैड़ी पर चौपाटी व भव्य सीढ़ियां, कोरियाई रानी हो का पार्क, सरयू नदी में पंचवटी निलयम द्वीप, गुप्तार घाट पर सुंदर पार्क और पक्के घाटों का निर्माण शामिल है। इसके साथ ही ‘सीता की खोज’ भूल-भुलैया जैसे आकर्षण श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहे हैं।

श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़
राम मंदिर में दर्शन के लिए प्रतिदिन औसतन एक लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान 45 दिनों में ही 4 करोड़ से अधिक भक्तों ने रामलला के दर्शन किए। बीते दो वर्षों में कुल मिलाकर करीब 10 करोड़ श्रद्धालु राम मंदिर में पूजा-अर्चना कर चुके हैं।

देशविदेश की हस्तियों ने किए दर्शन
राम मंदिर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई गणमान्य अतिथि दर्शन कर चुके हैं। विदेशी मेहमानों में फिजी के उप प्रधानमंत्री विमान प्रसाद, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन चंद्र रामगुलाम भी रामलला के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं।

भव्य मंदिर, उज्ज्वल भविष्य
25 नवंबर 2025 को राम मंदिर निर्माण के तीनों चरण पूरे होने के साथ भव्य और विशाल मंदिर पूर्ण रूप से अस्तित्व में आ गया। आज अयोध्या केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास का प्रतीक बन चुकी है। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर यह साफ है कि अयोध्या अब विश्व पटल पर एक नई, भव्य और दिव्य पहचान के साथ उभर चुकी है।

 

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