Tuesday, July 21

जिद या जुनून? संघर्षों से जूझकर अफसर बनी मेरठ की बेटी संजू रानी वर्मा


सफलता क्या जिद से मिलती है या फिर न रुकने वाले जुनून से? अगर मेरठ की बेटी संजू रानी वर्मा की कहानी देखी जाए, तो जवाब साफ है—जब इरादे अडिग हों, तो हालात भी हार मान लेते हैं। मां को खोने का गहरा दुख, समाज का शादी का दबाव, आर्थिक तंगी और अकेलापन… इन सबके बावजूद संजू ने अपने सपनों से समझौता नहीं किया और आखिरकार UPPCS परीक्षा 2018 पास कर कॉमर्शियल टैक्स ऑफिसर (CTO) बन गईं।

मेरठ जिले की रहने वाली संजू रानी वर्मा ने ग्रेजुएशन के बाद प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखा था। वर्ष 2008 से उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। शुरुआती लक्ष्य UPSC था और वर्ष 2009 में उन्होंने पहली बार परीक्षा दी। उन्हें मेंस लिखने का अवसर भी मिला, लेकिन पारिवारिक और निजी परिस्थितियों के चलते बीच में तैयारी रोकनी पड़ी।

मां के निधन के बाद बदली जिंदगी

संजू के जीवन में असली संघर्ष 2013 में शुरू हुआ, जब उनकी मां का निधन हो गया। परिवार चाहता था कि वह पढ़ाई छोड़कर शादी कर लें, लेकिन संजू ने अपने सपनों को प्राथमिकता दी। सामाजिक दबाव बढ़ने पर उन्होंने घर छोड़ने का कठिन फैसला लिया। यह निर्णय आसान नहीं था, लेकिन उनका मानना था कि यदि लक्ष्य बड़ा हो, तो रास्ते भी खुद बनते हैं।

ट्यूशन पढ़ाकर किया संघर्ष

कई साल के अंतराल के बाद 2017 में संजू ने एक बार फिर पूरी मजबूती के साथ तैयारी शुरू की। वह एक छोटे से किराए के कमरे में रहने लगीं। आर्थिक हालात इतने कठिन थे कि पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें बच्चों को ट्यूशन पढ़ानी पड़ी। ट्यूशन से मिलने वाली मामूली आमदनी से ही किताबें, किराया और रोजमर्रा का खर्च चलता था। दिन मेहनत में और रात पढ़ाई में बीतती रही, लेकिन हौसला कभी कमजोर नहीं पड़ा।

2018 में हासिल की सफलता

कड़ी मेहनत और वर्षों के संघर्ष के बाद संजू रानी वर्मा ने UPPCS परीक्षा 2018 में 145वीं रैंक हासिल की और कॉमर्शियल टैक्स ऑफिसर के पद पर चयनित हुईं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि ईमानदार मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास किसी भी बाधा को पार कर सकता है।

युवाओं के लिए प्रेरणा

संजू रानी वर्मा की कहानी आज उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में अपने सपनों को छोड़ने का सोचते हैं। उनका जीवन संदेश देता है कि हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे मजबूत हों, तो सफलता जरूर मिलती है

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