Tuesday, July 21

‘नेशनल सिक्योरिटी का मतलब सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि जनता और विचारधारा की सुरक्षा भी’ : JNU में CDS अनिल चौहान का जोरदार संदेश

नई दिल्ली: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्रों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा और इतिहास पर अपने विचार साझा किए।

जनरल चौहान ने कहा कि आज की बदलती और अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों में नेताजी की आक्रामक कूटनीति और यथार्थवादी दृष्टिकोण आज भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि नेताजी ने भारत की आजादी के लिए एक सरकार बनाई, सेना तैयार की, हमलों की योजना बनाई, समझौते किए और सेना के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की। उनके अनुसार यह दिखाता है कि राजनीतिक सोच, कुशल कूटनीति और सैन्य कार्रवाई आपस में कितनी गहराई से जुड़ी हुई थीं।

सीडीएस ने INA (इंडियन नेशनल आर्मी) की उपलब्धियों और योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा, “INA ने स्वतंत्रता संग्राम में सबसे अधिक नुकसान झेला। इसे अब तक पूरी तरह से नहीं समझा गया। INA ने एकता और विविधता का प्रतीक बनकर दिखाया क्योंकि यह संगठन क्षेत्र, जाति, धर्म और लिंग से ऊपर था।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर विचार
जनरल चौहान ने राष्ट्रीय सुरक्षा को व्यापक दृष्टि से समझाया। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा का मतलब अब सिर्फ सीमा की रक्षा नहीं है, बल्कि देश की जनता और उसकी विचारधारा की सुरक्षा भी है। मैंने इसे तीन संकेंद्रित वृत्तों के रूप में देखा है। बाहरी वृत्त समस्या को संबोधित करता है, मध्य वृत्त यह पहचानता है कि आप अपनी रक्षा कैसे करते हैं और सबसे अंदर का कोर देश की सैन्य तैयारी से संबंधित है। ये सभी वृत्त आपस में निर्बाध रूप से जुड़े होते हैं और एकदूसरे के साथ संवाद करते हैं।

जनरल चौहान ने यह भी कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक बेहतरीन सैन्य नेता थे और उनकी रणनीतियाँ और विचार आज भी आधुनिक भारत के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

 

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