Tuesday, July 21

आतंकवाद पर केंद्र को घेरा: नौगाम विस्फोट के बाद कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने मांगी सर्वदलीय बैठक, कहा—‘जवाबदेही से नहीं भाग सकती सरकार’

नई दिल्ली, 15 नवम्बर 2025: जम्मू-कश्मीर के नौगाम थाने में हुए भीषण विस्फोट में 9 लोगों की मौत और 24 के घायल होने की घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस दर्दनाक हादसे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गहरा शोक व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने आतंकवाद के बढ़ते खतरे पर तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग करते हुए केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

खड़गे बोले—“मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ”

खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “नौगाम थाने में विस्फोट की खबर बेहद दुखद है। 9 लोगों की जान चली गई और 24 घायल हैं। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।”
उन्होंने घायलों के बेहतर और शीघ्र उपचार की मांग की और कहा कि सरकार को पर्याप्त मुआवजा देने में देरी नहीं करनी चाहिए।

“केंद्र सरकार जवाबदेही से नहीं भाग सकती”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कड़े शब्दों में कहा कि यह विस्फोट हाल ही में लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के कुछ ही दिनों बाद हुआ है, जो खुफिया और आतंकवाद-रोधी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
खड़गे ने लिखा, “यह सरकार के लिए चेतावनी है। खुफिया तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है। केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।”

बढ़ते आतंकवादी खतरे पर सर्वदलीय बैठक की मांग

खड़गे ने जोर देकर कहा कि यह समय राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने का है। उन्होंने कहा कि बाहरी ताकतों के समर्थन से बढ़ता आतंकवाद देश के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है और इस पर व्यापक चर्चा जरूरी है।
“लाल किले हमले के मद्देनजर बढ़ रहे खतरों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक तुरंत बुलानी चाहिए,” उन्होंने कहा।

राहुल गांधी ने भी जताया दुख

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी नौगाम विस्फोट पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक और चिंताजनक है।
राहुल ने लिखा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह विस्फोट लाल किले हमले से जुड़े विस्फोटकों की जांच के दौरान हुआ। उन्होंने शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

आतंकवाद पर एकजुटता दिखाने का समय

कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के मुद्दे पर राष्ट्र के साथ मजबूती से खड़ी है। लगातार हमलों की श्रृंखला ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता बढ़ा दी है, ऐसे में विपक्ष का यह मांगना कि सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाए—आने वाले दिनों में नए राजनीतिक और सुरक्षा कदमों की ओर इशारा करता है।

नौगाम विस्फोट ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आतंकवाद देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है और इस चुनौती से निपटने के लिए राजनीतिक एकजुटता बेहद जरूरी है।

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