Tuesday, July 21

यूपी में SIR प्रक्रिया में वोटरों को मिली राहत, व्यक्तिगत उपस्थित नहीं तो प्रतिनिधि भेज सकते हैं

 

 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावा-आपत्ति का दौर चल रहा है। इस क्रम में चुनाव आयोग ने कई वोटरों को व्यक्तिगत उपस्थित होने की जरूरत से छूट दे दी है। अब कामकाजी मतदाता अपने परिवार के किसी सदस्य को अपने पक्ष में अधिकृत कर सकते हैं।

 

 

 

क्या है राहत का नियम?

 

चुनाव आयोग ने बताया कि जो वोटर कामकाज या अन्य कारणों से तय तिथि-समय पर नोटिस का जवाब देने के लिए उपस्थित नहीं हो सकते, वे अपने प्रतिनिधि को लिखित पत्र देकर अधिकृत कर सकते हैं। पत्र में वोटर का हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान होना आवश्यक है। इसके बाद प्रतिनिधि ईआरओ या एईआरओ के सामने वोटर का पक्ष रख सकता है।

 

 

 

सीईओ का बयान

 

यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि मैपिंग न हो पाने वाले वोटरों को आयोग की ओर से नोटिस भेजा गया है। उनकी सुविधा को देखते हुए ऑनलाइन जवाब देने और व्यक्तिगत उपस्थित से छूट की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि कई मतदाता निजी, ऑफिस या अन्य कारणों से नोटिस के समय उपस्थित नहीं हो पा रहे थे, इसलिए यह राहत दी गई है।

 

 

 

नोटिस की ऑनलाइन जानकारी और दस्तावेज़

 

वोटर voters.eci.gov.in पर लॉगिन करके नोटिस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

 

दस्तावेजों की आवश्यकताएँ:

 

जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले: अपने दस्तावेज

जन्म 1 जुलाई 1987 – 2 दिसंबर 2004: स्वयं या माता-पिता का दस्तावेज

जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद: स्वयं और माता-पिता का दस्तावेज

 

स्वीकृत दस्तावेजों में शामिल हैं: केंद्र/राज्य कर्मचारी पहचान पत्र, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, बोर्ड मार्कशीट, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड आदि।

 

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