Tuesday, July 21

एलन मस्क के स्टारलिंक और जियो-एयरटेल को टक्कर: तारा लाइटब्रिज इंटरनेट सस्ता और तेज़

नई दिल्ली: इंटरनेट की दुनिया में एक नई हलचल मची है। तारा, जो कभी गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट का हिस्सा थी, अब अलग होकर लेजर तकनीक के जरिए तेज और सस्ता इंटरनेट देने का दावा कर रही है। कंपनी का लाइटब्रिज नेटवर्क प्रकाश की किरणों से डेटा ट्रांसमिट करता है और इसे सैटेलाइट और फाइबर ब्रॉडबैंड इंटरनेट दोनों से तेज और किफायती बताया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, तारा के लाइटब्रिज नेटवर्क की स्पीड 20GB प्रति सेकंड है और यह 20 किलोमीटर तक डेटा पहुंचाने में सक्षम है। नेटवर्क को जोड़ने के लिए ट्रैफिक लाइट जितनी बड़ी डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे छतों या खंभों पर इंस्टॉल किया जा सकता है। ध्यान रहे कि डिवाइस के सामने कोई बाधा न हो, क्योंकि प्रकाश की किरणों के माध्यम से ही डेटा ट्रांसमिट होता है।

तारा का यह इंटरनेट खासकर उन क्षेत्रों के लिए उपयोगी होगा, जहां केबल इंटरनेट पहुंचाना मुश्किल और महंगा है—जैसे घाटियां, नदी किनारे और दूर-दराज़ के इलाके। कंपनी ने अपने सिस्टम का प्रयोग अफ्रीका के कांगो, केन्या के नैरोबी और अमेरिका के कैलिफोर्निया में सफलतापूर्वक किया है।

कंपनी के सीईओ महेश कृष्णास्वामी का कहना है कि तारा स्टारलिंक के सामान्य एंटीना की तुलना में 100 गुना तेज और कम कीमत पर इंटरनेट सेवा दे सकती है। इस साल तारा उंगली में आने वाली छोटी डिवाइस भी लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जिससे इंस्टॉलेशन आसान और किफायती होगा।

तारा की यह पहल इंटरनेट कनेक्टिविटी की नई दिशा तय कर सकती है और दूर-दराज़ के इलाकों में तेज और भरोसेमंद इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करवा सकती है।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.