Tuesday, July 21

बलौदाबाजार प्लांट हादसा: विस्फोट में 6 मजदूरों की मौत, 45 लाख रुपये का मुआवजा, सरकार ने फैक्ट्री को सील किया जोखिम भरे काम और सुरक्षा मानकों की अनदेखी से फैक्ट्री में हुआ बड़ा हादसा

बलौदाबाजार/भाटापारा। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में गुरुवार को मेसर्स रियल इस्पात एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड में एक भयानक विस्फोट हुआ, जिसमें छह मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। घटना के बाद सरकार ने किल्न नंबर-एक को तुरंत सील कर दिया और फैक्ट्री प्रबंधन पर कड़ा एक्शन लिया।

सीएम के निर्देश पर की गई कार्रवाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर हुई प्रारंभिक जांच में पता चला कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन हुआ। विस्फोट किल्न नंबर-एक के डस्ट-सेटलिंग चैंबर की दूसरी मंजिल पर रखरखाव कार्य के दौरान हुआ। अधिकारियों ने बताया कि श्रमिकों को अत्यंत जोखिमपूर्ण स्थिति में काम कराया गया, जबकि हाइड्रोलिक दरवाजा बंद नहीं किया गया और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं हुआ।

जोखिमपूर्ण काम और सुरक्षा की अनदेखी
जांच में यह भी सामने आया कि श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण जैसे ताप-रोधी एप्रन, हेलमेट, सुरक्षा जूते उपलब्ध नहीं कराए गए थे। रखरखाव कार्य और निर्माण प्रक्रिया “आसन्न खतरा” की स्थिति में पाए गए। इसी कारण कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 40(2) के तहत किल्न नंबर-एक और सभी रखरखाव कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया।

अधिकारियों ने कहा कि इस अवधि के दौरान फैक्ट्री में काम करने वाले सभी श्रमिकों को उनका वेतन और अन्य भत्ते समय पर देना अनिवार्य होगा।

मुआवजा और राहत
फैक्ट्री प्रबंधन ने शुक्रवार को बयान जारी करते हुए बताया कि जान गंवाने वाले प्रत्येक मजदूर के परिवार को 20 लाख रुपये और कर्मचारी राज्य बीमा निगम से औसतन 10 लाख रुपये तथा भविष्य में पेंशन के रूप में 15 लाख रुपये मिलेंगे। इसके साथ ही, प्रत्येक घायल मजदूर को 5 लाख रुपये का मुआवजा और काम पर लौटने तक गुजारा भत्ता दिया जाएगा। इस प्रकार, मृतकों के परिवार को कुल मिलाकर लगभग 45 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।

अधिकारियों ने किया निरीक्षण
विस्फोट के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया और दुर्घटना स्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा सुरक्षा नियमों की अनदेखी और जोखिम भरे काम का परिणाम है, और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

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