Tuesday, July 21

अमेरिका भारत से रूसी तेल टैरिफ हटा सकता है, ट्रेजरी सेक्रेटरी ने दिया बड़ा संकेत

वॉशिंगटन: अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ में से 25 प्रतिशत रूसी तेल के आयात पर लागू टैरिफ हटाने का संकेत दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह कदम अमेरिकी पॉलिसी की सफलता को दर्शाता है, क्योंकि भारत ने रूसी तेल की खरीद में काफी कमी कर दी है।

बेसेंट ने इंटरव्यू में बताया कि “टैरिफ का मकसद भारत की रूसी ऊर्जा पर निर्भरता को कम करना था और यह मकसद पूरा हो रहा है। भारत की रिफाइनरियों ने रूसी तेल की खरीद बहुत कम कर दी है।” उन्होंने कहा कि अमेरिका अब इस टैरिफ को हटाने का रास्ता देख रहा है।

हालांकि अभी भी भारत पर कुल 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ लागू है, जिसमें 25 प्रतिशत सामान्य कारोबारी टैरिफ और 25 प्रतिशत रूसी तेल पर टैरिफ शामिल है। अमेरिका ने अभी इस टैरिफ हटाने की शर्तों और समयसीमा को स्पष्ट नहीं किया है।

भारतीय कंपनियों ने रूसी तेल खरीदना घटाया
रिपोर्ट्स के अनुसार, जनवरी 2026 में केवल इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और नायरा एनर्जी ने मॉस्को से तेल खरीदा। Reliance Industries Limited (RIL), जो रूस से सबसे बड़ा तेल खरीदार था, ने 2026 में खरीदारी रोक दी। मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) ने नवंबर से रूसी तेल की खरीद बंद कर दी, और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का जॉइंट वेंचर HMEL ने दिसंबर में केवल एक शिपमेंट मंगाया। HPCL ने दिसंबर और जनवरी में रूस से कोई कच्चा तेल नहीं खरीदा।

ट्रंप प्रशासन की रणनीति सफल
स्कॉट बेसेंट के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका, भारत के रूसी तेल आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ हटाकर दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों में सुधार करना चाहता है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता होने वाला है, जिससे अमेरिका पर रणनीतिक दबाव बढ़ गया है।

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