Tuesday, July 21

पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत डॉक्टर पहले कर रहे थे ‘वायरल मेनेंजाइटिस’ का इलाज, अब ड्रग ओवरडोज का आरोप

पटना: शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली NEET छात्रा की मौत ने प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 6 जनवरी को बेहोशी की हालत में मिली छात्रा का इलाज तीन निजी अस्पतालों में किया गया, लेकिन 11 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया।

परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने शुरुआत में उसकी बीमारी ‘वायरल मेनेंजाइटिस’ और ब्रेन क्लॉटिंग बताई, लेकिन मौत के बाद इसे ‘ड्रग ओवरडोज’ बताकर जिम्मेदारी टाल दी गई। इस विरोधाभास ने हत्या की आशंका को जन्म दिया है।

विशेष जांच टीम (SIT) अब मामले की गहन तहकीकात कर रही है। जांच में मेडिकल विशेषज्ञों की भूमिका, हॉस्टल प्रबंधन की मिलीभगत और सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। परिजनों का कहना है कि जांच केवल 27 दिसंबर से शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि 5 दिसंबर से संबंधित फुटेज भी देखने की जरूरत है।

एसआईटी ने छात्रा को जहानाबाद ले जाने वाले वाहन चालक से भी लंबी पूछताछ की है, जिससे महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। वहीं, अंतिम खुलासा पटना एम्स के विशेषज्ञों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल (FSL) रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। जांच टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही डीजीपी को सौंपने की तैयारी में है।

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