Tuesday, July 21

पाकिस्तान की ‘मरणासन्न’ स्टील मिल में रूस देगा नई जान, भारत के करीबी रूस-पाक रिश्तों में बदलाव का संकेत

इस्लामाबाद: रूस ने पाकिस्तान की स्टील इंडस्ट्री को पुनर्जीवित करने का बड़ा फैसला किया है। पाकिस्तान स्टील मिल्स (PSM) को फिर से चालू करने के लिए रूस के साथ समझौता किया गया है, और 2027 से इसका निर्माण कार्य शुरू होगा। यह कदम पाकिस्तान-रूस के रिश्तों में हालिया सुधार को दर्शाता है और वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रहा है, क्योंकि रूस पारंपरिक रूप से भारत का करीबी सहयोगी माना जाता है।

पाकिस्तानी पब्लिक अकाउंट कमेटी ने बताया कि रूस की ओर से इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कॉन्ट्रैक्ट साइन होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा। नवंबर 2025 में दोनों देशों की इंटर-गवर्नमेंट कमीशन ने पाकिस्तान स्टील मिल्स को पुनः चालू करने के लिए दूसरा प्रोटोकॉल साइन किया था। रूसी फर्म इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग LLC ने हाल ही में पाकिस्तान का दौरा कर मिल का तकनीकी ऑडिट भी किया।

स्टील मिल का महत्व और चुनौतियां
पाकिस्तान स्टील मिल्स 2015 से बंद है और यह दशकों तक पाकिस्तान का सबसे बड़ा औद्योगिक संस्थान रहा। बंद होने के बाद हजारों लोगों की नौकरियां चली गईं। PSM पर 345 अरब का भारी कर्ज है और मिल की पुरानी तकनीक को अपग्रेड करने की भी आवश्यकता है। रूस की मदद से इसे पुनः चालू करने का प्रयास पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक सकता है।

पाकिस्तान-रूस रिश्तों में बदलाव
2023 में पाकिस्तान ने पहली बार रूस से तेल आयात करना शुरू किया था। इसके बाद दोनों देशों ने कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया है। अब रूस केवल स्टील इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहकर पाकिस्तान की रेलवे परियोजनाओं में भी निवेश का संकेत दे रहा है। विशेषज्ञ इसे पाकिस्तान-रूस संबंधों में नई शुरुआत के रूप में देख रहे हैं।

रूस और पाकिस्तान के बीच बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक संबंध, दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक परिदृश्य को भी प्रभावित कर सकते हैं।

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