Tuesday, July 21

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान, लखनऊ से सुल्तानपुर तक पोस्टर वार शुरू

 

उत्तर प्रदेश में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कथित अपमान को लेकर सियासी और धार्मिक विवाद गर्मा गया है। प्रयागराज की घटना के बाद अब यह मुद्दा सुल्तानपुर तक फैल गया है। कांग्रेस नेताओं ने पोस्टर और होर्डिंग के माध्यम से इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है।

 

लखनऊ और सुल्तानपुर में कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए होर्डिंग में बड़े अक्षरों में लिखा गया है – “शंकराचार्य का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”। प्रयागराज की घटना में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात सामने आई थी, जिसे लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के दावों पर भी सवाल उठाए हैं।

 

कांग्रेस नेता शरद शुक्ला ने कहा कि वे शंकराचार्य और सनातन परंपराओं के पक्ष में खड़े हैं। उन्होंने होर्डिंग में मनुस्मृति और रामचरितमानस के श्लोकों का हवाला देते हुए कहा कि गुरु और धर्माचार्यों का अपमान करने वाले को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। शरद शुक्ला ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी।

 

सुल्तानपुर में भी कांग्रेस नेता सुब्रत सिंह ने कलेक्ट्रेट के बगल होर्डिंग लगाकर इस मामले को उजागर किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज की गरिमा का मसला है। पोस्टर में भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए पूछा गया कि अगर सरकार सच में सनातन परंपराओं का सम्मान करती है, तो धर्मगुरुओं के साथ हुई अभद्रता पर कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

 

प्रयागराज की घटना और सुल्तानपुर में पोस्टर वार ने प्रदेश की राजनीति में नया सियासी तापमान पैदा कर दिया है।

 

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